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Hardoi News: बचाव तो दूर, बेहंदर, टोडरपुर, पिहानी, अहिरोरी व संडीला में अभियान ही धड़ाम

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हरदोई। आमजन को बीमारियों से बचाव के लिए चलाए जा रहे जागरूकता और व्यवस्था सुधार के अभियान का सच सामने आया है। यूनीसेफ और डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में संचारी रोग नियंत्रण अभियान व दस्तक अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों में धड़ाम हो गया है। कई विकास खंडों में तो अभियान की स्थिति 20 प्रतिशत तक नहीं पहुंच पाई है।
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बरसात में पनपने वाले संचारी रोगों की रोकथाम व बचाव के लिए लोगों में जागरूकता के साथ ही नाला-नालियों की साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई-छंटाई, चूहों के कारण होने वाली बीमारियों से बचाव और स्कूल में बच्चों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। साथ ही एएनएम, आशा कार्यकर्ता के माध्यम घर-घर संदिग्ध रोगियों को भी चिह्नित कराया जा रहा है।
यूनीसेफ, पॉथ और डब्ल्यूएचओ की ओर से अभियान की विभिन्न गतिविधियों के पर्यवेक्षण व फीडबैक की दी गई रिपोर्ट में बेहंदर में नाला-नाली सफाई की स्थिति 17, पिहानी की 42, टोडरपुर की 52 प्रतिशत रही है। जलभराव के स्थलों को समाप्त कराए जाने भी बेहंदर की स्थिति 17, पिहानी की 18, हरपालपुर की 29, शाहाबाद व मल्लावां की 33-33, संडीला की 44 प्रतिशत स्थिति रही है। झाड़ियों की साफ-सफाई में टोडरपुर की 13, पिहानी व बेहंदर की 25-25, हरपालपुर की 29, चूहों से होने वाली बीमारियों से बचाव में पिहानी की 45, भरावन की 56 प्रतिशत स्थिति रही है। स्कूलों में बच्चों में जागरूकता में संडीला में 85 अैर भरखनी की 88 प्रतिशत स्थिति रही है।
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टोडरपुर, पिहानी, अहिरोरी व संडीला विकास खंड में अभियान धड़ाम नजर आ रहा है। इस बात का खुलासा यूनीसेफ और डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में हुआ है।



अभियान की कम स्थिति पर सीएमओ, सीवीओ, उप निदेशक कृषि, बीएसए, डीपीआरओ, सभी बीडीओ और सभी सहायक विकास अधिकारियों से कहा गया है कि इस पर विशेष ध्यान दें। यह स्थिति ठीक नहीं है। व्यक्तिगत रूप से नियमित अभियान के कार्यक्रमों को गति दिए जाने के लिए निर्देशित किया गया है। स्पष्ट किया गया है कि दोबारा ऐसी स्थिति पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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- सौम्या गुरूरानी, सीडीओ
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