पिहानी। मगरिब नमाज की अदायगी के साथ ही गुरुवार की शाम रहमत, बरकत और मगफिरत के महीने रमजान का आगाज हो गया। रमजान की विशेष नमाज तरावीह का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
युवा अलिमे दीन मुफ्ती नजीब कासमी ने बताया कि रसूल सल्ल. ने फरमाया कि शाबान मेरा और रमजान अल्लाह का महीना है। रमजान से पहले ही माहे शाबान में अल्लाह के रसूल ने कसरत से इबादत करने के लिए कहा है। फिर रमजान के महीने में रोजा, नमाज के साथ अन्य इबादतों का भी एहतमाम किए जाने का हुक्म है। रमजान को उसकी विशेषताओं के लिए तीन अलग अशरों में बांटा गया है।
इसका पहला अशरा रहमत, दूसरा मगफिरत और तीसरा व अंतिम अशरा जहन्नुम से आजादी का है। रमजान में हर एक नेकी का बदला सत्तर गुना बढ़ा कर दिए जाने का वादा किया गया है। इस माह में कुरआन की तिलावत का विशेष हुक्म दिया गया है। अल्लाह की मुकद्दस किताब कुरआन शरीफ इसी माहे मुबारक में नाजिल हुई थी। इसी लिए इस माह में कुरआन की तिलावत कसरत के साथ किए जाने का हुक्म है। इसकी एक रात शबे कद्र है, जिसमें की जाने वाली इबादत हजार महीनों की इबादत से भी बढ़कर है।
रमजान का पहला रोजा शुक्रवार को पड़ेगा। मफ्ती नजीब कासमी के अनुसार क्षेत्र मेेें पहला रोजा तेरह घंटे बत्तीस मिनट का होगा। पहली सहरी प्रात: 4:51 बजे व इफ्तार शाम 6:23 बजे होगा।