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Hardoi News: विरोध जारी, चालकों का हंगामा, ईंधन के लिए मारामारी

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हरदोई। हिट एंड रन के नए कानून का विरोध दूसरे दिन भी जारी रहा। रोडवेज, निजी और ट्रकों के चालक मंगलवार को भी हड़ताल पर रहे। डग्गामार वाहन और टैक्सी भी न चलने से यात्रियों की मुश्किलें कम नहीं हुईं। चालकों ने हरदोई-लखनऊ मार्ग पर फल मंडी के पास जाम लगा दिया। पुलिस ने लाठियां पटक कर जाम खुलवाया। पेट्रोल, डीजल की किल्लत के चलते पंपों पर मारामारी रही। वाहन लेकर पहुंचे लोगों की कतारें लगी रहीं।
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नए कानून के विरोध में हड़ताल कर रहे रोडवेज बसों के चालकों ने ई-रिक्शा चालकों को भी अपने साथ जोड़ने की कवायद मंगलवार को की। इसी क्रम में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक रोडवेज बस अड्डे के बाहर एकत्र हो गए। इसकी जानकारी मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र, सीओ सिटी अंकित मिश्रा और शहर कोतवाल संजय पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस को देखकर ई-रिक्शा चालक तितर-बितर हो गए।
दूसरी तरफ रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक अपराजित श्रीवास्तव ने रोडवेज कर्मचारियों से जुड़ी सभी यूनियनों के पदाधिकारियों के साथ बातचीत की। बसों के संचालन में सहयोग मांगा, लेकिन बात नहीं बनी। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि चालक अपनी सुरक्षा की गारंटी भी चाहते हैं। इस बीच क्षेत्रीय प्रबंधक का दावा है कि गोला, कानपुर, लखनऊ और सीतापुर रूट पर रोडवेज की कुल 10 बसें संचालित की गईं। गोला की बस को विभागीय अधिकारियों के साथ रवाना किया गया। प्राइवेट बसें भी पूरी तरह बंद रहीं। वहीं, किसी दूसरे डिपो की एक भी ब स्थानीय बस अड्डे पर नहीं आई। इससे घंटों इंतजार के बाद यात्रियों को वापस तक लौटना पड़ा।
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वहीं, कछौना प्रतिनिधि के अनुसार, वाहन चालकों ने निर्माणाधीन लखनऊ-हरदोई राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। यहां सड़क पर जेसीबी समेत अन्य वाहन खड़े कर यातायात रोक दिया गया। जानकारी पर पहुंचे कोतवाल राकेश यादव ने समझा बुझाकर जाम खुलवाया। लगभग डेढ़ घंटे तक जाम लगा रहा। इस दौरान निजी वाहनों से निकले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान उधर सेगुजरी रोडवेज बस को भी चालकों ने रोक लिया और बस लेकर जा रहे चालक के साथ अभद्रता की। पुलिस के आने पर चालक बस लेकर लखनऊ जा पाया।


आज से हो सकती पेट्रोल, डीजल, गैस की किल्लत
यूं तो अधिकारी वाहन चालकों की हड़ताल खत्म कराने की कवायद में लगे हैं, लेकिन मंगलवार रात तक इसमें सफलता नहीं मिली। ऐसे में पेट्रोल, डीजल और गैस की किल्लत बुधवार से होने की आशंका है। दरअसल, डिपो से ईंधन भरे टैंकर लेकर चालक नहीं निकल रहे हैं। इसी तरह, गैस प्लांटों से भी चालक ट्रक लेकर नहीं निकले हैं। जिला पूर्ति अधिकारी कमल नयन सिंह ने बताया कि फिलहाल सभी डीजल, पेट्रोल पंपों पर ईंधन उपलब्ध है, लेकिन इनके पास अब बहुत ज्यादा मात्रा में ईंधन नहीं है। नियम के मुताबिक, एक हजार लीटर पेट्रोल और दो हजार लीटर डीजल हर पंप संचालक को इमरजेंसी के लिए रोकना होता है। इसके पीछे मंशा यह है कि एंबुलेंस और सरकारी वाहनों जैसी सुविधाएं बाधित न हों। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही कोई न कोई हल निकल आएगा।


डीजल, पेट्रोल भराने के लिए पंपों पर लगीं कतारें
चालकों की हड़ताल के चलते डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति बाधित होने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में वाहन चालक पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए। डीजल और पेट्रोल वाहनों में भराने के साथ ही अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी लोग करते नजर आए। अधिकांश पेट्रोल पंपों पर काफी भीड़ रही।


संडीला में निकाला पैदल मार्च
हिट एंड रन के नए कानून का विरोध कर रहे चालकों को चालकों को भाकियू सावित्री गुट का साथ मिला है। भाकियू की राष्ट्रीय अध्यक्ष सावित्री सिंह के निर्देश पर जिलाध्यक्ष रफीक लंबू ने चालकों के साथ इमलियाबाग से नई तहसील तक पैदल मार्च किया। एसडीएम तान्या सिंह को एक ज्ञापन दिया गया। इस दौरान सनोवर अली, अयाज अंसारी, रजी, चांदबाबू आदि मौजूद रहे।



यात्रियों की व्यथा
- उन्नाव जनपद के माखी निवासी आशीष कुुमार हिमाचल प्रदेश में प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। जरूरी काम से घर जाना था। ट्रेन से हरदोई रेलवे स्टेशन पर उतरे और उन्नाव के लिए बस की तलाश प्राइवेट बस अड्डे के साथ ही रोडवेज बस अड्डे पर भी की, लेकिन कोई साधन नहीं मिला।

- अब्दुलपुरवा निवासी साबिर की पुत्री राजिया अपनी मां राबिया के साथ फर्रुखाबाद जाने के लिए सुबह नौ बजे रोडवेज बस अड्डे पर पहुंच गई थी। दोपहर में एक बजे तक बस नहीं मिली तो फिर यात्रा स्थगित कर घर वापस चली गईं।
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