हरदोई जिले में निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितता पर डीएम ने विकास खंड संडीला की ग्राम पंचायत गोसवा डोंगा और पिहानी की ग्राम पंचायत नरधिरा प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। मिश्रिख सांसद अशोक रावत की ओर से जिला योजना क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की 20 मई की बैठक में उठाए गए प्रश्न पर संडीला की ग्राम पंचायत गोसवा डोंगा के प्रधान की जांच कराई गई थी।
डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि श्रम रोजगार उपायुक्त प्रमोद सिंह की ओर से दी गई जांच रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई है। हैंडपंप रीबोर के नाम पर 4,48,775 रुपये और मरम्मत के नाम से 2,15930 रुपये का भुगतान किया गया है। कुंभरानी तालाब पर मिट्टी निकालकर बंधा निर्माण में गड़बड़ी की गई है। इस पर 2,54,592 रुपये का भुगतान किया गया है, जबकि मूल्यांकन में कार्य की लागत 57,630 रुपये ही है।
उन्नाव सिंचाई खंड में आने वाली ड्रेन की सफाई पर 1,72,956 रुपये का भुगतान किया गया है। उन्होंने यहां की जांच के लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता को समिति में नामित किया है। विकास खंड पिहानी की ग्राम पंचायत नरधिरा की जांच गांव के ही आशीष सिंह, आयुष सिंह के शिकायती पत्र पर कराई गई।
प्रधान और पंचायत सचिव ने जांच अधिकारी को सभी अभिलेख भी प्राप्त नहीं कराए हैं। वित्तीय अनियमितता पर प्रधान संगीता के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारी सीज किए गए हैं। डीएम ने यहां की जांच के लिए जिला कृषि अधिकारी एवं लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता को समिति में नामित किया है। डीपीआरओ को आदेश दिए हैं कि दोनों ग्राम पंचायतों के कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कराएं।
वीडीओ को 1.72 लाख जमा कराने का आदेश
वहीं, संडीला की ग्राम पंचायत गोसवा डोंगा में मिली गड़बड़ी में वीडीओ को 1.72 लाख रुपये 15 दिन में जमा किए जाने का समय दिया गया है। डीडीओ ने निलंबित चल रहे वीडीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए बहाल कर दिया है। ग्राम पंचायत गोसवा डोंगा में कराए गए कार्यों की जांच में मिली अनियमितता के लिए वीडीओ आकाश त्रिपाठी को सितंबर में निलंबित कर दिया गया था।
डीडीओ अजय प्रताप सिंह ने जांच अधिकारी शाहबाद बीडीओ की आख्या और वीडीओ के उत्तर के बाद बहाली का आदेश जारी किया है। डीडीओ ने बहाली आदेश में वीडीओ आकाश त्रिपाठी को प्रतिकूल प्रविष्टि देते विकास खंड सुरसा में तैनाती दी है। मनरेगा और राज्य वित्त आयोग की मद में मिली अनियमितता की एक तिहाई राशि एक लाख 72 हजार 585 रुपये की वसूली के आदेश भी दिए हैं।