फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hardoi News: मनरेगा से निकाला 7.66 लाख का भुगतान, कार्यदायी संस्था नहीं दे पाई अभिलेख

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

हरदोई। गांव के विकास, निर्माण व भुगतान में गड़बड़ी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वर्ष 2022-23 में काम व भुगतान के सोशल ऑडिट में विकास खंड कछौना के लोनहरा में 7.66 लाख रुपये की गड़बड़ी सामने आई है। यहां पर सोशल ऑडिट टीम को कार्यदायी संस्था के जिम्मेदार अभिलेख उपलब्ध नहीं करा पाए। ऐसे में भुगतान से पहले सत्यापन और मेजरमेंट बुक (एमबी) की प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।

चालू वित्तीय वर्ष में सोशल ऑडिट की प्रक्रिया में विकास खंड कछौना की 41 में से 40 ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट जारी कर दी गई है। टीम की ओर से जारी रिपोर्ट में लोनहरा में ही अकेले 7.66 लाख की गड़बड़ी पकड़ में आई है। वर्ष 2022-23 में यहां पर मनरेगा की गाइडलाइन को दरकिनार कर समसपुर में एक ही परिवार को 100 दिन से अधिक का रोजगार दिया गया है। इसमें एक दिन की मजदूरी की वसूली की संस्तुति की रिपोर्ट ऑडिट टीम ने दी है।
विज्ञापन

टीम की ओर से दी गई रिपोर्ट को मनरेगा वेबपोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड कराया गया है। इसमें ग्राम पंचायत लोनहरा में 7,66,584 रुपये की अनियमितता सामने आई है। लोनहरा में टीम को दो ही प्रकरणों में इस राशि के भुगतान के अभिलेख और साक्ष्य नहीं मिले हैं। टीम ने ऑडिट प्रस्तर के अनुसार इन प्रकरणों की जांच व निस्तारण कराए जाने की भी संस्तुति की है। इसमें कहा गया है कि ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की ओर से कंथा और पूरा गांव में आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण के नाम पर भुगतान निकाला गया है।

इंसेट
मल्लावां की दो ग्राम पंचायतों में 3.25 लाख की गड़बड़ी

सोशल ऑडिट टीम की ओर से विकास खंड मल्लावां की 54 ग्राम पंचायतों का सोशल ऑडिट किए जाने की रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। इसमें यहां की ग्राम पंचायत ईश्वरपुर साईं में 1,86,741 रुपये का न तो काम मिला और न ही अभिलेख मिल सके हैं। ऐसे ही ग्राम पंचायत फुलई में 1,38,452 रुपये के भुगतान का कोई हिसाब-किताब नहीं मिला है। टीम ने वर्ष 2022-23 के कामों को गांव के लोगों के सामने ही जांचा है। कामों के संबंध में लोगों को पढ़कर बताया ओर लोगों ने ही काम न होने की पुष्टि की है। टीम की ओर से अपलोड कराए गए विवरण पर जल्द ही साक्ष्य सहित अभिलेख प्राप्त कराए जाने की भी संस्तुति की गई है।
विज्ञापन

वर्जन

सोशल ऑडिट निदेशालय की ओर से व्यवस्था के तहत टीम की ओर से किए गए सोशल ऑडिट की रिपोर्ट मनरेगा वेबपोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड कराई जा रही है। संबंधित कार्यक्रम अधिकारियों से वित्तीय गड़बड़ी पर वसूली से पहले साक्ष्य व अभिलेख प्राप्त किए जाएंगे। साक्ष्य व अभिलेख न दिए जाने की दशा में शासकीय राशि की संबंधित से वसूली कराई जाएगी।
अरविंद कुमार, नोडल अधिकारी सोशल ऑडिट
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें