नगर पालिका द्वारा नई कर प्रणाली लागू करने का विरोध शुरू हो गया है। सभासद विरोध में उतर आए हैं। उन्होंने प्रस्तावित बढ़े हुए कर का विरोध किया और बिना बोर्ड प्रस्ताव के कर को अमल में न लाए जाने की मांग की है। इसका एक ज्ञापन ईओ वंदना शर्मा को दिया गया है। बृहस्पतिवार को सभासदों ने कहा कि जनता से अधिक कर वसूलना न्याय संगत नहीं है। यदि नई कर प्रणाली तत्काल लागू की गई तो विरोध किया जाएगा।
नगर पालिका घरों से कूड़ा उठाने के अलावा जल कर, ग्रह कर के अलावा बड़े व छोटे व्यापारी व वाहन चालकों पर अलग अलग कर लगाने की प्रणाली लागू करने जा रही है। शासन की मंशा है कि निकाय अपनी राजस्व आमदनी बढ़ाएं। नगर के 18 सभासद बृहस्पतिवार को नगर पालिका में एकत्रित हुए। सभासद मुकेश मलिक, कपिल गुप्ता, भगवती लाला ने कहा कि जनता पर अनावश्यक कर लगाने से मध्यम वर्गीय परिवार परेशान हो जाएंगे।
सभासदों की सहमति व जानकारी के बिना ही नगर पालिका द्वारा कर लगाना ठीक नहीं है। तीन दिन में बढ़े हुए करों को वापस नहीं लिया तो आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में सोहिल राइन, धर्मेंद्र लोधी, अशरफ अली, ताहिरा वानो, राजवती देवी, मधू वर्मा, सुनीता देवी, फरमान उल्लाह खां, बिजेंद्र कुमार, मुन्नी बेगम, सीमा, गुड्डी आदि मौजूद रहे।
-शासन के आदेश पर नई कर प्रणाली लागू करने की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। आय बढ़ाने के लिए प्रस्तावित करों को लागू करने का नगर पालिका पर दबाव है। शासन स्तर से इन करों को जल्द लागू करने का निर्देश है। कर न लगने के कारण शासन द्वारा पालिका की राशि में कटौती की जा रही है।
-वीरेंद्र लोधी, चेयरमैन।
1-कचरा एकत्रित करने की नई दरें
गेस्ट हाउस 500, हॉस्टल 400, व्यावसायिक अथवा सरकारी कार्यालय, बैंक, बीमा कार्यालय, होटल रेस्टोरेंट 500, नर्सिंग होम 50 बेड तक 1500 रुपये, नर्सिंग होम 50 बेड से अधिक 3000, 10 किलो तक कूड़ा पैदा करने वाले छोटे उद्योग 500, गोदाम एवं कोल्ड स्टोर 1000, तीन हजार वर्गमीटर की बरात एवं धर्मशाला पर 1500 रुपये, तीन हजार वर्गमीटर से अधिक का बरात घर एवं धर्मशाला 4000 रुपये का कूड़ा संग्रह शुल्क महीने की दर से वसूला जाएगा।
2-हलवाई, चाट-पकौड़ी, गन्ने का रस, फल, सब्जी, आइसक्रीम सहित अन्य खानपान की ढकेल वालों से 10 रुपये प्रति दिन कूड़ा एकत्र करने का शुल्क वसूला जाएगा।
3-खाली पड़े 3000 वर्गमीटर तक के प्लाट से 2500 रुपये और इससे बड़े प्लाट पर सफाई शुल्क के रूप में 5000 रुपये वसूले जाएंगे। जिससे लोगों इनमें कूड़ा न एकत्र होने दें।