हरदोई। सरकारी गेहूं की खरीद बढ़ाने के लिए विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयास सफल होते नजर नहीं आ रहे है। क्रय केंद्रों पर सन्नाटा नहीं टूट रहा है। जबकि मंडी में आवक बढ़ने लगी है। इससे इस बार खरीद का लक्ष्य पाना विगत वर्षों की भांति मुश्किल होगा।
जिले में गेहूं खरीद के लिए 145 सरकारी क्रय केंद्र खोले गए हैं। जहां पर शासन से निर्धारित 2275 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों की उपज की खरीद की जानी थी। विगत वर्षों में गेहूं की खरीद कम रहने के कारण इस बार गेहूं क्रय केंद्र एक माह पूर्व एक मार्च से ही खोल दिए गए थे और विभाग की ओर से किसानों को क्रय केंद्र पर फसल बेचने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा था।
मगर डेढ़ माह में 55 केंद्रों पर ही खरीद शुरू हो सकी। जहां पर 157 किसानों से अभी तक 1170 मीट्रिक टन की खरीद ही की जा सकी है, जबकि इस बार जिले में खरीद का लक्ष्य 241300 मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। जिले में 6082 किसानों ने अब तक उपज बेचने के लिए पंजीकरण कराया है। मगर उसमें से मात्र 157 किसान ही उपज लेकर केंद्र तक पहुंचे हैं।
इससे इस बार भी खरीद का लक्ष्य पाना संभव नहीं दिख रहा है, जबकि मंडी में गेहूं की उपज की आवक बढ़ गई है। इस संबंध में डिप्टी एआरएम निहारिका सिंह का कहना है कि बाजार मूल्य अधिक होने के कारण किसान क्रय केंद्र पर नहीं आ रहे है। उनसे लगातार संपर्क कर क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।