हरदोई। 1.38 करोड़ की लागत से बन रहे बालिका छात्रावास का काम पूरा न होने और लागत बढ़ने पर कार्यदायी संस्था से सवाल जवाब किया गया। अमर उजाला में इस संबंध में खबर प्रकाशित होने के बाद अफसरों ने कार्यदायी संस्था से इसका कारण और भवन पूरा कराने की समयावधि की जानकारी मांगी है। वहीं, राजकीय पॉलिटेक्निक तत्योरा में छात्राओं को छात्रावास के लिए अब मार्च तक इंतजार करना होगा। कार्यदायी संस्था ने 31 दिसंबर तक काम पूरा न हो पानी की बात कहकर फरवरी 2024 तक तिथि बढ़ाने के लिए कहा है।
तत्योरा राजकीय पॉलिटेक्निक में 60 सीट का बालिका छात्रावास बन रहा है। साल 2021 में शुरू हुए काम के समय 60 सीट क्षमता के बालिका छात्रावास के निर्माण के लिए शासन की ओर से 92 लाख की स्वीकृति दी गई थी। शासन की ओर से छात्रावास निर्माण की जिम्मेदारी उप्र राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ को सौंपी गई। कार्यदायी संस्था ने साल 2021 में ही काम शुरू कराया। समय से काम पूरा न होने पर छात्रावास निर्माण के लिए पुनरीक्षित इस्टीमेट तैयार कराया गया और लागत में 46 लाख रुपये की बढ़ोतरी हो गई। छात्रावास पर अब 92 लाख के स्थान पर 1.38 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसकी स्वीकृति भी शासन ने दी है।
बालिका छात्रावास का काम समय पर पूरा न होने और लागत में बढ़ोतरी से जुड़ी खबर अमर उजाला ने 21 दिसंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेते हुए डीएम एमपी सिंह ने राजकीय पॉलिटेक्निक की प्रधानाचार्य को निर्देश दिए कि कार्यदायी संस्था की ओर से की जा रही देरी के कारणों की जानकारी करते हुए आख्या प्राप्त कराएं। राजकीय पॉलिटेक्निक की प्रधानाचार्य कविता त्रिपाठी ने बताया कि उप्र राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ के परियोजना प्रबंधक से काम समय पर न हो पाने के कारणों की जानकारी मांगी है। उन्होंने देरी के कारणों की जानकारी तो नहीं है दी है लेकिन, बताया है कि काम पूरा कराने के लिए 28 फरवरी तक की समयावधि बढ़ाने के लिए अनुरोध पत्र शासन को दिया गया है।