हरदोई। घटिया और खराब अंडों को बाजार में खपाना अब आसान नहीं होगा। उत्पादक और ट्रेडर्स बिना मानकों का अनुपालन किए अंडों का कारोबार नहीं कर सकेंगे। अब अंडों पर उत्पादन और एक्सपायरी की तारीख भी अंकित करनी होगी। इनका आयात और निर्यात फ्रिज लगे वाहनों से किया जाएगा। जिले में प्रतिदिन इस समय करीब 2.15 लाख अंडों की खपत होती है।
गर्मी के सीजन में अंडों के परिवहन के दौरान उनमें कई तरह के फंगस लग जाते हैं। इसके चलते अंडों का सेवन करने वाले मनुष्यों में यह फैल जाते हैं। इसे देखते हुए अंडों का भंडारण, आयात और निर्यात खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत किया जाएगा। सीवीओ डॉ. आरपी शर्मा बताया अंंडों का आयात व निर्यात करने के लिए रेफ्रिजरेटर वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा। 150 किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए रेफ्रिजरेटर वाहनों का निश्चित तापमान बनाए रखना होगा। वहीं वाहनों में जीपीएस और डाटा लॉगर लगाना अनिवार्य होगा।
इनसेट
ट्रे और बाक्स पर चस्पा रहेगा स्टीकर
दूसरे प्रांत से अंडा मंगाने पर बिल की छायाप्रति डिजिटल माध्यम से अपर निदेशक एवं संयुक्त निदेशक, कुक्कुट, पशुपालन निदेशालय पर उपलब्ध कराना होगा। आयात व निर्यात दोनों स्थितियों में अंडे की ट्रे व बॉक्स पर स्टीकर चस्पा किया जाएगा। इसमें उत्पादन का दिनांक, स्थान, पिनकोड के साथ अंकित होगा।
कोल्ड रूम में भंडारण के लिए होगा अलग से चैंबर
कोल्ड रूम में अंडों पर अमिट स्याही से उत्पादन तिथि व स्थान अंकित किया जाएगा। ग्रेडिंग, कैंडलिंग आदि का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। कोल्डरूम में अंडों के भंडारण के लिए अलग चैंबर होगा।