हरदोई। शासन की शीर्ष प्राथमिकता में से गांवों में पंचायत कार्यालय की स्थापना में भी प्रधान और पंचायत सचिव लापरवाही बरत रहे हैं। करीब 18 माह पहले 15वां वित्त आयोग की मद से राशि आहरित करने के बाद भी काम न कराए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने दो ग्राम प्रधानों सहित चार को कारण बताओ नाेटिस जारी किया है। प्रधानों को चेतावनी दी है कि साक्ष्य सहित व संतोषजनक जवाब न आने पर पंचायतीराज अधिनियम के तहत वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज किए जाने की कार्रवाई की जाएगी।
डीएम एमपी सिंह ने समीक्षा में पाया कि पंचायत भवन बनाने में विकास खंड भरावन की ग्राम पंचायत सुआगाड़ा तिगावां और हाजीपुर में राशि आहरण के बाद भी काम नहीं कराया गया है। इन गांवों में 15वां वित्त आयोग और मनरेगा मद के समिश्रिण से काम कराया जाना है। इस पर उन्होंने ग्राम पंचायत हाजीपुर की प्रधान गुज्जा उर्फ आशा और पंचायत सचिव अरविंद कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
हाजीपुर में 15वें वित्त आयोग के मद से पंचायत भवन निर्माण के लिए 7,44,260 रुपये आहरित किए गए हैं। भरावन की ही ग्राम पंचायत सुआगाड़ा तिगावां के प्रधान कमल किशोर और पंचायत सचिव राहुल कुमार सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सुआगाड़ा तिगावां में पंचायत भवन निर्माण के लिए करीब 18 महीने पहले 9,37,958 रुपये 15वें वित्त आयोग की मद से आहरित किए गए हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि पंचायत कर्मियों को विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। भरावन बीडीओ को नोटिस संबंधित प्रधान व पंचायत सचिवों को प्राप्त कराने की जिम्मेदारी दी गई है।