हरदोई। नगर पालिका क्षेत्र के मकानों से निकलने वाले कचरे का स्थाई निस्तारण कराने के उद्देश्य से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट (एसडब्ल्यूएमपी) की स्थापना पांच करोड़ रुपये की लागत से कराई गई। निर्माण कार्य कराने के बाद कार्यदायी संस्था ने इसे नगर पालिका के हवाले कर दिया। हैंडओवर लेने के 14 माह बाद भी नगर पालिका इस प्लांट के लिए बिजली का कनेक्शन हासिल नहीं कर पाई।
तत्कालीन जिलाधिकारी अविनाश कुमार के निर्देश पर एसडब्ल्यूएमपी लगवाने का निर्णय किया गया था। शासन स्तर से इसके लिए पांच करोड़ रुपये का बजट भी जारी किया गया था। इसमें सिविल वर्क यानी निर्माण संबंधी सभी कार्य पूरा कराने के लिए कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन (सीएंडडीएस) को कार्यदायी संस्था नामित किया गया था। संस्था ने निर्माण कार्य पूरा करने के बाद जनवरी 2023 में नगर पालिका हरदोई को हैंडओवर कर दिया गया था। तब से अभी तक यहां बिजली का कनेक्शन ही नहीं हो पाया है। मशीनें न लग पाने की बात तो बाद में आएगी फिलहाल तो बिजली का कनेक्शन अब तक न हो पाना नगर पालिका के जिम्मेदारों की हीलाहवाली ही दर्शाता है। दरअसल कार्यदायी संस्था ने बिजली का कनेक्शन कराने के लिए तकरीबन 23 लाख रुपये नगर पालिका के खाते में भेज दिए थे। इसके बावजूद कनेक्शन नहीं कराया गया।
नगर पालिका ने बिजली का कनेक्शन कराने के लिए आवेदन किया था। इसके क्रम में उन्हें एस्टीमेट दे दिया गया था। इसके बाद अक्तूबर 2023 में भी एस्टीमेट के हिसाब से 22 लाख रुपये जमा कराने के लिए पत्र भी भेजा गया था। नगर पालिका ने इसके लिए आवेदन ही अगस्त 2023 में किया था। बजट उपलब्ध कराए जाने पर प्राथमिकता से बिजली कनेक्शन करा दिया जाएगा।
सूर्य कुमार
अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड-द्वितीय