हरदोइ में नवरात्र के दूसरे दिन रविवार को मंदिरों में माता ब्रह्मचारिणी के नाम के जयकारे गूंजते रहे। घरों से लेकर मंदिरों तक मां का पूजन जारी रहा।
शहर के श्रवण देवी मंदिर, तुंरतनाथ मंदिर, बाबा सिद्वनाथ मंदिर, दुर्गा देवी मंदिर, फूलमती मंदिर, नागेश्चर नाथ आदि मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को लाइनें लगानी पड़ गई। शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने ब्रह्मचारिणी देवी के बारे में बताया कि देवी का यह स्वरूप पूर्व ज्योतिर्मय एवं अत्यंत सुंदर है। इनके दाहिने हाथ में माला एवं बाएं हाथ में कमंडल रहता है। देवी की उपासना से श्रद्धालुओं के अंदर सहनशीलता, तप, त्याग, सदाचार की भावना आती है।