266.50 पैसे की जगह 350 रुपये में बेची जा रही यूरिया, शासन ने तलब की रिपोर्ट
- संयुक्त कृषि निदेशक ने तलब की रिपोर्ट, दोषियों पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। शासन ने माना है कि किसानों को ऊंची कीमत पर यूरिया मिल रही है। 45 किग्रा की बोरी 266.50 रुपये के स्थान पर 300 से 350 रुपये तक में बेची जा रही है, विक्रेता सूक्ष्म तत्व भी टैग कर रहे हैं। संयुक्त निदेशक कृषि ने कृषि विभाग के अधिकारियों से दोषियों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है।
संयुक्त कृषि निदेशक डीपी सिंह ने हरदोई सहित लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली और खीरी के जिला कृषि अधिकारियों को पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि संज्ञान में आया है कि यूरिया की बिक्री ऊंची कीमत पर किसानों को की जा रही है। रबी की मुख्य फसल गेहूं में किसानों की ओर से प्रथम और द्वितीय टॉप ड्रेसिंग में यूरिया का प्रयोग हो रहा है। किसानों को 45 किग्रा यूरिया की बोरी के 266.50 रुपये के स्थान पर 300-350 रुपये में दी जा रही है।
बोरी के साथ विभिन्न विक्रेता और कंपनियां सूक्ष्म तत्व भी टैग कर रही हैं, जो शासकीय हित में नहीं हैं। कहा है कि जिला कृषि अधिकारी, उप निदेशक कृषि से समन्वय करते हुए यूरिया की कमी न होने देने के लिए रैक प्लान कर मंगवाएं। बिक्री केंद्रों पर कार्मिकों की तैनाती करते हुए किसानों को यूरिया की आपूर्ति कराई जाए। कहा है कि ऊंची कीमत पर यूरिया की बिक्री के लिए दोषी कर्मचारी, थोक व फुटकर विक्रेता के विरुद्ध कार्रवाई का ब्योरा उपलब्ध कराएं। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार साहू ने बताया कि यहां पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध है।