हरदोई। गांवों में विकास कार्यों के लिए राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त आयोग की राशि खर्च करने में जिम्मेदारी कंजूसी कर रहे हैं। 10 विकास खंडों की 204 ग्राम पंचायतों में दोनों मदों के करीब दो करोड़ रुपये से अधिक खातों में डंप हैं। गांवों में विकास काम प्रभावित होने के साथ ही लोगों को सुविधाएं और सहूलियत नहीं मिल पा रहीं हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी ने खातों में राशि डंप होने पर नाराजगी जाहिर की है। 10 सहायक विकास अधिकारी (एडीओ पंचायत) को कारण बताओ नोटिस जारी की है।
राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग की मद में जारी राशि से कराए जाने वाले कामों और खर्च की समीक्षा में डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने पाया कि 19 में से 10 विकास खंडों की 58 ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त आयोग की मद राशि चार-चार लाख रुपये से अधिक डंप है। ऐसे ही केंद्रीय वित्त आयोग की टाइड और अनटाइड फंड मद की 146 ग्राम पंचायतों में 5-5 लाख से अधिक की राशि खातों में पड़ी हुई है।
उन्होंने इस पर विकास खंड अहिरोरी के एडीओ प्रमोद यादव, सांडी के एडीओ चेतेंद्र पाल सिंह, टोडरपुर के एडीओ विकास चतुर्वेदी, भरखरनी के एडीओ धीरेंद्र प्रताप सिंह, भरावन के एडीओ मेवाराम, बिलग्राम के एडीओ जितेंद्र गुप्ता, हरपालपुर के एडीओ रामनरेश, कछौना के एडीओ अरविंद कुमार वर्मा, सुरसा के रजनीकांत त्रिवेदी और टड़ियावां के नरेंद्र कुमार वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी की है। तीन दिन में साक्ष्य सहित जवाब मांगा है।
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ब्लॉकवार ग्राम पंचायतों की संख्या पर एक नजर :
खातों में राशि डंप रखने वाली ग्राम पंचायतों में विकास खंड टोडरपुर में 24, अहिरोरी में 40, भरखनी में 11, भरावन में 26, बिलग्राम में 24, हरपालपुर में 19, कछौना में 21, सांडी में 21, सुरसा में 25 व टड़ियावां में 27 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की राशि डंप है।