हरदोई/पाली/सांडी/शाहाबाद। नानक सागर बैराज के देवहा नदी के जरिए गर्रा नदी में आए पानी ने यहां सवायजपुर, शाहाबाद, बिलग्राम और सदर तहसील के गांवों में तबाही मचा दी है। लगातार बढ़ रहे पानी से शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हालात और बिगड़ गए। सदर और बिलग्राम के दो गांवों में बाढ़ के पानी से हालात गंभीर होने पर गांवों को खाली कराया गया।
कहारकोला गांव में पर्याप्त संख्या में नाव की व्यवस्था न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने जाम लगाया। पानी बढ़ने से गांवों में घुसा पानी अब घरों तक पहुंच गया है। इससे लोगों की गृहस्थी, अनाज और भूसा आदि भी खराब होने की आशंका है। मार्ग के किनारे तक पानी आ जाने से शाहाबाद-पाली मार्ग पर आवागमन रोक दिया गया है। सांडी में चौधरियापुर-नेवादा मार्ग पर कटान हुई है। बावन के पुरौरी संपर्क मार्ग की पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। ईंट आदि डलवाकर आवागमन शुरु कराया गया है।
पाली क्षेत्र के गर्रा नदी में बढ़ रहे पानी ने कहारकोला सहित आसपास के करीब 20 से अधिक गांवों के लोगों की मुसीबतों को और बढ़ा दिया है। मदद के नाम पर अनदेखी को लेकर शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने पाली-शाहाबाद मार्ग पर जाम लगा दिया। रामनिवास, आशाराम, दीपू, बबलू, शिवराम, रामवीर, गुड्डू, रामदास हंसराम, आशाराम, भूरा ने बताया कि कहारकोला गांव का मुख्य मार्ग जलमग्न है। आवागमन के लिए सिर्फ एक नाव है जो, पर्याप्त नहीं है। दो और नाव चलवाई जाएं। बाढ़ से बचाव को लेकर व्यवस्था की जाए। पुलिस के समझाने पर ग्रामीण मान गए।
कहारकोला गांव में घरों में पानी भरने से लोग छतों पर परिवार व बच्चों सहित रहने को मजबूर हैं। कुछ जगह तो लोगों ने परिवार के साथ सड़क पर ही पन्नी आदि लगाकर रहना शुरु कर दिया है। गर्रा नदी के पानी से कहारकोला, अतरजी, बेगराजपुर, रणधीरपुर, पहाड़पुर, गुजीदेई, बरगदिया आदि गांवों का मुख्य मार्ग पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। पानी लोगों के घरों में घुस गया है। इन गावों का मुख्य मार्गों से संपर्क टूटने से आवागमन की समस्या भी हो गई है। गर्रा से सटे बेगराजपुर गांव में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। राजेश्वरी, बबलू, रक्षपाल, द्वारिका, अमर सिंह, प्रतिपाल, राजाराम, नेकराम सहित करीब 15-20 परिवार गावं के सामने सड़क पर पन्नी डालकर और खुले में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक कोई अधिकारी न तो हाल लेने आया और न ही कोई राहत सामग्री मिली है।
बावन क्षेत्र में सुखेता में गर्रा का पानी आने से पुरौरी, लगवाही, औहादपुर आदि गांवों में भी पानी भर गया है। पुरौरी संपर्क मार्ग की पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई। एसडीएम एसके मिश्रा व बीडीओ डॉ. रामप्रकाश ने गांवों का जायजा लिया। क्षतिग्रस्त पुलिया में ईंट डलवाकर आवागमन सुचारु कराया। औहदपुर के करीब 40 परिवारों को बाढ़ के कारण सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया गया है।
सांडी क्षेत्र में गर्रा और सुखेता नाला के पानी के मलवा अखवेलपुर के मजरा चुन्नीपुरवा में घरों तक भरने पर बिलग्राम एसडीएम राकेश सिंह ने राजस्व टीम के साथ बृहस्पतिवार देर रात खाली करा लिया। 33 परिवारों के करीब 230 लोगों को तिलमई प्राथमिक विद्यालय में ठहराया गया है। बीडीओ उदयवीर दुबे ने रौरा गांव में पुलिया पर हो रहे पानी तेज बहाव का जायजा लिया। गर्रा नदी के पानी से चौधरियापुर-नेवादा मार्ग व कोले मार्ग बीच-बीच में कट गया है। प्रधान को नाव डलवाने व कोटेदार को खाद्याय सामग्री ग्रामीणों को देने की बात कही है।
गर्रा किनारे बसे भगहर, मानीमऊ में भी पानी भर गया है। मानीमऊ में 15 मकान कटान की जद में आ गए हैं। दहर झील के फाटक पानी आने के लिए रेंजर आरके राठौर ने खुलवा दिए हैं। एसडीएम राकेश सिंह ने बताया कि चौधरियापुर मार्ग की मरम्मत तत्काल कराने के निर्देश सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अखिलेश गौतम और पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता बृजेश दीपक को दिए गए हैं। शाहाबाद क्षेत्र में शाहाबाद-पाली मार्ग जलमग्न हो जाने से आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया। आगमपुर के पास एक डिग्री व इंटर काॅलेज के चारों तरफ पानी भर गया है। अल्हापुर तिराहे पर पाली जाने वाले मार्ग को कोतवाल राजदेव मिश्रा, जामा मस्जिद चौकी प्रभारी अंगद सिंह ने शाम के तीन बजे से बंद कर दिया है।
हरदोई। गर्रा नदी का पानी खतरे के निशान 148.80 मीटर से करीब एक मीटर ऊपर पहुंच गया है। गर्रा नदी का पानी 149.75 मीटर पर है। रामगंगा नदी का पानी चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है। गंगा नदी का पानी चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से नीचे और 135.45 मीटर पर है। गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 41,307 और नराैरा बैराज से 35,320 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। (संवाद)
शाहाबाद स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शिविर लगाकर आवश्यक दवाइयों का वितरण और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया गया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रवीण दीक्षित ने बताया कि जटपुरा, बेहटाकोला, उधरनपुर, नसीरपुर, गढ़ेपुर नस्योली गोपाल, दलेलनगर, खानपुर आदि स्थानों पर शिविर लगाए गए।