हरदोई। गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र के जिस पिहानी-बूढागांव-कूल्हाघाट संपर्क मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के प्रस्ताव को मंजूर होने से लेकर काम शुरू होने तक का सोशल मीडिया पर जनप्रतिनिधियों के करीबियों ने शोर मचाया, वह प्रस्ताव ही शासन से मंजूर नहीं हुआ है। तीन अगस्त को जिस कार्य का शिलान्यास सांसद, राज्यसभा के निवर्तमान सांसद और क्षेत्रीय विधायक के कथित प्रतिनिधि की मौजूदगी में हुआ, उसकी मंजूरी विभागीय अभियंताओं की मेहनत से मिली थी। राजनीति चमकाने की होड़ में मामला सतह पर आया तो फिलहाल मंजूर हुआ काम भी थम गया है।
पिहानी-बूढ़ागांव-कूल्हाघाट संपर्क मार्ग की लंबाई हरदोई जनपद की सीमा में लगभग साढ़े आठ किलोमीटर है। इसके आगे सीतापुर जनपद की सीमा शुरू हो जाती है। हरदोई जनपद में उक्त सड़क का हिस्सा बेहद खराब है। गड्ढों में सड़क खोजनी पड़ती है। इसी मार्ग पर पौराणिक महत्व वाला धोबिया आश्रम भी है। सड़क के सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण की मांग क्षेत्र के बाशिंदे जन प्रतिनिधियों और सोशल मीडिया के माध्यम से उठाते रहे हैं। तीन अगस्त को सांसद जय प्रकाश, राज्य सभा के निवर्तमान सदस्य डाॅ. अशोक वाजपेयी ने गोपामऊ विधायक श्याम प्रकाश के कथित प्रतिनिधि धर्मेश मिश्रा और अनुपम मिश्रा की मौजूदगी में निर्माण कार्य का शिलान्यास भी कर दिया।
मौके पर जब काम शुरू हुआ तो पता चला कि मौजूदा सड़क की मरम्मत (सतह सुधार) का काम ही होना है। दरअसल हकीकत यह है कि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मार्ग को तीन मीटर से बढ़ाकर सात मीटर का किए जाने के हिमायती थे, लेकिन सांसद और विधायक के प्रस्ताव पर तैयार हुए आगणक को मंजूरी ही नहीं मिली। (संवाद)
चिट्ठी लिखी, मुख्यमंत्री से मिले, इस्टीमेट बना पर नहीं हुआ मंजूर
गोपामऊ विधायक श्याम प्रकाश क्षेत्र की जनता की समस्याओं को लेकर मुखर रहते हैं। इसके कारण अपनी ही सरकार और अधिकारियों पर भी सवालिया निशाना लगाने से नहीं चूकते। श्याम प्रकाश ने नौ अप्रैल 2022 को मुख्यमंत्री से मिलकर उक्त मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की मांग की थी। इससे पहले सांसद जय प्रकाश भी 19 जून 2021 को मुख्यमंत्री से मिलकर उक्त मार्ग के चौड़ीकरण की मांग कर चुके थे। दोनों ही जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर जिला मुख्यालय के तीन जनवरी 2023 को विस्तृत रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजा गया था। इस रिपोर्ट में सड़क की चौड़ाई तीन मीटर से बढ़ाकर सात मीटर करने और नए सिरे से सड़क बनाए जाने का प्रस्ताव था। इस प्रस्ताव को अब तक भी शासन से मंजूरी नहीं मिली है।
...और विभाग के इस प्रस्ताव को मिली है मंजूरी
उक्त सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली। आवागमन सुगम करने के लिए लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड ने आईआरक्यूपी (इप्रूवमेंट ऑफ रोड क्वालिटी पेवमेंट) यानी सतह सुधार के तहत कार्य का प्रस्ताव भेजा। इसके तहत पहले से बनी सड़क की मरम्मत होनी थी। आठ किलोमीटर लंबाई में कार्य कराने के लिए चार करोड़ 49 लाख 10्र हजार रुपये का प्रस्ताव शासन ने सात मार्च को स्वीकृत किया था। इसी के तहत तीन अगस्त को कार्य शुरू कराया गया था, लेकिन अब इसे बंद कर दिया गया है।
चौड़ीकण और सुदृढ़ीकरण के लिए चाहिए 23 करोड़ 98 लाख रुपये
सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का पहला आगणन तीन जनवरी 2023 को शासन भेजा गया था। यह आगणन 30 करोड़ छह लाख 96 हजार रुपये का था। विभाग के उच्चाधिकारियों ने छह फरवरी 2023 को इसमें कुछ कटौती करते हुए 29 करोड़ 66 लाख 69 हजार रुपये का आगणन शासन को भेजा। शासन में इस आगणन का फिर से परीक्षण हुआ और फिर लागत घटकर 23 करोड 98 लाख 37 हजार रुपये हो गई। इसका प्रस्ताव शासन में लंबित है और बजट मिलने पर कार्य कराया जा सकेगा।
कोट
आईआरक्यूपी के तहत भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई थी। इसलिए इस पर निविदा प्रक्रिया पूरी करने के बाद काम शुरू कराया जाना था। सांसद और विधायक के प्रस्ताव पर जो आगणन भेजा गया था उसे फिलहाल मंजूरी नहीं मिली है। जनप्रतिनिधि शासन स्तर पर मंजूरी दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल मरम्मत का काम रोक दिया गया है और चौड़ीकरण व सुदृ़ढ़ीकरण के प्रस्ताव की मंजूरी का इंतजार है।
एसके मिश्रा
नोडल अधिकारी, पीडब्ल्यूडी