रविवार को प्रसूता के पिता की तहरीर पर शाहाबाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। संवाद न्यूज एजेंसी ने दुष्कर्म पीड़िता का प्रसव होने, नवजात की मौत हो जाने और शव सामान्य तौर पर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए जाने को लेकर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन से बात की तो उन्होंने शाहाबाद कोतवाली पुलिस को सख्त निर्देश दिए। इसके बाद शव का डीएनए कराए जाने के आदेश भी एसपी ने दिए हैं।
जिम्मेदारों की बात सुनिए और समझ लीजिए कितने गंभीर हैं
नवजात मृत अवस्था में सीएचसी लाया गया था। प्रकरण मेरे संज्ञान में है। मामला दुष्कर्म पीड़िता का है, यह नहीं पता था। न ही प्रसूता के परिजनों ने ऐसी कोई जानकारी दी। इस मामले में पुलिस को ही कार्रवाई करनी है। -डॉ. प्रवीण दीक्षित, सीएचसी अधीक्षक, शाहाबाद
दुष्कर्म पीड़िता के पिता की तहरीर पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घटना पुरानी थी तो पूरी जानकारी नहीं थी। जब पूरी जानकारी हुई तो पोस्टमार्टम के साथ डीएनए भी सुरक्षित करने की कार्रवाई की जा रही है। -निर्भय सिंह, कोतवाल शाहाबाद
दुष्कर्म पीड़िता का प्रसव होने को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों को भी जानकारी रखनी चाहिए थी। पुलिस के स्तर से पूरे मामले की जांच वृहद तौर पर कराई जाएगी। दुष्कर्म के आरोपित को जेल भी भेजा गया था। -नीरज कुमार जादौन एसपी, हरदोई
तो परिजन भी छिपाए रहे दुष्कर्म पीड़िता के गर्भवती होने की बात
किशोरी से दुष्कर्म के बाद उसके गर्भवती हो जाने की जानकारी परिजनों को तो थी, लेकिन स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान वह यह बात छिपाते रहे। दरअसल दुष्कर्म का आरोपी जेल जाने के बाद जमानत पर छूट चुका है। हालांकि परिजन डीएनए परीक्षण की बात अब कह रहे हैं। किशोरी का मामला बाल कल्याण समिति के संज्ञान में भी है।