हरदोई। निर्माण कार्यों व शासकीय राशि के भुगतान में गड़बड़ी की पुष्टि पर डीएम ने पंचायतीराज अधिनियम के तहत ब्लॉक हरियावां की ग्राम पंचायत मरई की प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। उन्होंने गांव के कामकाम संचालन के लिए ग्राम पंचायत सदस्यों की तीन सदस्यीय समिति गठित कराने के आदेश दिए हैं।
डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने मरई में कराए गए कामों, पशु आश्रयस्थल व शासकीय राशि भुगतान की जांच जतुली निवासी हमिद अली, मंजूर अहमद व अनिल कुमार, नीरज आदि के शिकायती पत्र पर जिला प्रोबेशन अधिकारी व डीपीआरओ की समिति से कराई थी। बताया कि जांच में पंचायत सचिव रूपाली यादव, पंचायत सहायक कहकंशा बानो व ग्रामीणों ने बताया था कि प्रधान खालिया बेगम कई माह से गांव में नहीं रह रही हैं। हैंडपंप मरम्मत व रिबोर के नाम पर शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया है।
जांच में स्पष्ट हुआ कि जतुली में पशु आश्रय स्थल में सभी व्यवस्थाएं होने के बाद भी प्रधान व पंचायत सचिव ने ग्राम पंचायत की अनुमति के बिना ही इसे बोझवा में स्थापित करा दिया। आश्रय स्थल में टीन शेड के नाम पर 12,63,617 रुपये का भुगतान निकाला गया और आंशिक काम कराने के बाद राशि का गबन कर लिया गया। डीपीआरओ ने बताया कि डीएम ने आदेश जारी कर दिया है। हरियावां बीडीओ को तीन सदस्यीय समिति गठन के लिए ग्राम पंचायत सदस्यों की प्राप्त कराने के आदेश दिए गए हैं।
पीडी की अध्यक्षता में अंतिम जांच के लिए समिति गठित
डीपीआरओ वीके सिंह ने बताया कि डीएम ने मरई की प्रधान के वित्तीय, प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगाए जाने के बाद विकास, निर्माण व शासकीय राशि के भुगतान की अंतिम जांच के लिए जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक की अध्यक्षता में दो सदस्यीय समिति गठित की है। समिति में तकनीकी जांच के लिए जल निगम के अधिशासी अभियंता को नामित किया गया है।