संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। लखनऊ के एससी एसटी कोर्ट में गैंगस्टर अपराधी संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की हत्या के बाद से जिला कारागार में बंद कुख्यात अपराधी खान मुबारक भी सदमे में आ गया था। सूत्र बताते हैं कि जीवा की हत्या के बाद से ही खान मुबारक भी जेल की सलाखों के पीछे घुट घुटकर जी रहा था। यहीं वजह है कि खान मुबारक की पिछले दो-तीन दिनों से तबीयत अधिक खराब हुई और सोमवार को जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
अपराधी खान मुबारक महाराजगंज जिले के कारागार से दो जून 2022 को हरदोई जिला कारागार में शिफ्ट किया गया था। यहां पर कुख्यात अपराधी खान मुबारक पुत्र एक वर्ष नौ दिन तक जिला कारागार में रहा। खान मुबारक के मरने की सूचना उसके परिवारी जनों को भी दे दी गई है। सूत्र बताते हैं कि अपराधी जीवा की हत्या के बाद खान मुबारक जेल की सलाखों के पीछे घुट घुटकर जी रहा था। जीवा से खान मुबारक के संबंध होने की बात सामने आ रही है। यहीं वजह है कि जीवा की हत्या के बाद खान की तबीयत अधिक बिगड़ गई। जिला कारागार के अस्पताल के प्रभारी डॉ. पंकज मिश्रा उसे जिला चिकित्सालय के लिए रेफर किया। एंबुलेंस से जैसे ही खान मुबारक जिला अस्पताल पहुंचा, वैसे ही अस्पताल की इमरजेंसी छावनी के रूप में तब्दील हो गई।
वीडियोग्राफी की निगरानी में कराया पोस्टमार्टम
खान मुबारक की मौत किस बीमारी से हुई है। इसका क्या कारण रहा इन सब बातों की जानकारी करने के लिए वीडियोग्राफी की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया गया। थाना पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत की वजह साफ होगी।
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फैजाबाद से लेकर नोएडा तक फैला था खान मुबारक का आतंक
अंबेडकरनगर के गैंगस्टर अपराधी खान मुबारक का अपराध सिर्फ अंबेडकरनगर में ही नहीं बल्कि फैजाबाद से लेकर नोएडा तक आतंक फैला हुआ था। आंबेडकर नगर में खान मुबारक के खिलाफ लूट हत्या जैसे गंभीर अपराधों के 31 मुकदमा दर्ज हैं। वहीं लखनऊ जनपद में दो, नोएडा में एक ,प्रयागराज में छह मामले दर्ज हैं। सभी मुकदमों में गंभीर प्रकार के आरोप लगे हैं। इस तरह से कुल 40 आपराधिक मामले दर्ज हैं।