संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। शारदीय नवरात्र का रविवार को घट स्थापना के साथ शुभारंभ हो गया। प्रथम दिन मां के शैलपुत्री रूप की पूजा की गई है। हर तरफ मां के जयकारे गूंजते रहे। विभिन्न स्थानों पर प्रभात फेरी व शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
संडीला प्रतिनिधि के अनुसार जय माता दी प्रभातफेरी जागरण समिति की ओर से शारदीय नवरात्र पर प्रभातफेरी निकाली गई। प्रभातफेरी माता मंदिर से दुर्गा माता मंदिर होते हुए मुख्य मार्ग से होते हुए शीतला माता मंदिर तक पहुंची। जहां पर आरती व पूजन किया गया। नवरात्र के प्रथम दिन मंदिरों में भी सुबह से ही लगी रही भक्तों की भीड़ लगी रही। ओम नाथ गुप्ता, अतुल जायसवाल ,विनोद द्विवेदी, गौरव मेहरोत्रा, राजेश जायसवाल, रजनीश गुप्ता, लक्ष्मण कुमार मौजूद रहे।
शाहाबाद प्रतिनिधि के अनुसार नगर में श्री नवदुर्गा पूजन समिति दिलेरगंज की तरफ से मां ज्वाला जी की ज्योति की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में श्री मां दुर्गा जी, संकट मोचन हनुमानजी, भैरवनाथ आदि की आकर्षक व सुंदर झांकियां दर्शनीय रहीं। मोहल्ला कटरा से शोभायात्रा शुरू हुई, जो सरदार गंज, चौक, घंटाघर, बड़ी बाजार होती हुई दिलेरगंज स्थित दुर्गा पंडाल पहुंची। वहां पर ज्वाला जी की ज्योति को प्रतिष्ठापित किया गया। संरक्षक संजय मिश्रा, दीपक गुप्ता, राजीव वाजपेई, बसंत गुप्ता, रमाकान्त मौर्या मौजूद रहे।
मल्लावां प्रतिनिधि के अनुसार कस्बा के मोहल्ला बंदीपुर मोहल्ला स्थित मानदेवी मंदिर, बाजीगंज स्थित फूलमती मंदिर, राघौपुर स्थित फूलमती मंदिर को भक्तों द्वारा सजाया गया। इसके साथ ही भगवंतनगर, श्यामपुर, गंजजलालाबाद के मंदिरों में भक्तो की भारी भीड़ रही ।
पिहानी प्रतिनिधि के अनुसार कस्बा में भूरेश्वर महादेव मंदिर परिसर और भारतीय इंटर काॅलेज के निकट स्थित चबूतरे पर मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित की गई है। नवरात्र पर महिला संगीत और पूजन के अलावा विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। भूरेश्वर मंदिर में बीस अक्तूबर को भव्य जागरण का आयोजन होगा।
सांडी प्रतिनिधि के अनुसार मां मंगला शक्ति पीठ में शारदीय नवरात्र महोत्सव के प्रथम दिवस कलश स्थापना की गयी। पं. विजय मिश्रा ने प्राण प्रतिष्ठा कराई। यजमान अजय गुप्ता गुड्डू बने रहे।
पाली प्रतिनिधि के अनुसार नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना के बाद भक्तों ने मां पंतवारी देवी मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की। पूरे दिन मां के जयकारों व घंटा-घडियालों से मंदिर गुंजायमान रहा।