हरदोई। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन की जज सपना त्रिपाठी (प्रथम) ने कार लूटने के बाद चालक की हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
शाहजहांपुर जनपद के थाना चौक के बाबूजई कटा बाग निवासी राजकुमार शुक्ला ने चार जुलाई 2007 को तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसका 25 वर्षीय बेटा धीरेंद्र शाहजहांपुर में कार चलाता था। दो जुलाई 2007 की शाम तीन अज्ञात व्यक्ति उसके घर आए और कहा कि उनकी माता की तबीयत खराब है। उनको दाना मियां मजार ले जाना है। सहानुभूति वश उसका बेटा अज्ञात व्यक्तियों को लेकर घर से चला गया था।
तीन जुलाई 2007 को सुबह उसका बेटा गाड़ी लेकर नहीं लौटा तो उसे शक हुआ। उसने बेटे की तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चला। चार जुलाई को उसको समाचार पत्र के माध्यम से पता चला कि टड़ियावां थाना क्षेत्र में उसके बेटे की लाश बरामद हुई है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
विवेचना के बाद पुलिस ने तीन में से दो व्यक्ति प्रेमपाल और अश्विन के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह ने कहा कि दोषी को अधिक से अधिक सजा दी जाए। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जज ने अश्वनी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रेमपाल दौरान मुकदमा ही कहीं गायब हो गया था। इसका कोई पता नहीं चला। अश्वनी को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया है।