अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने पति की गैर इरादतन हत्या के मामले में पत्नी रीता समेत एक ही परिवार के चार लोगों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता सतेंद्र सिंह और सहायक शासकीय अधिवक्ता केके अवस्थी ने संयुक्त रूप से बताया कि बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के सुरजीपुर निवासी बड़कौनू ने 20 मार्च 2011 को थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसके भाई सुनील की ससुराल सुरसा थाना क्षेत्र के ग्राम गौरपुर में थी। पत्नी का नाम रीता है।
20 मार्च 2011 को रीता, उसके ताऊ सियाराम, भाई संजय, पिता श्रीराम घर से बुला ले गए थे। सुनील से चारों ने कहा कि अपने नाम की खेती बेचकर रुपये उन्हें दे दे। सुनील ने ऐसा करने से मना कर दिया। इसी बात पर चारों ने सुनील की लाठी-डंडों से पिटाई कर दी थी।
इस कारण सुनील की घटना के दूसरे दिन मौत हो गई थी। कार्रवाई न होने पर उसके परिजनों ने सीओ से शिकायत की थी। सीओ के आदेश पर 27 मार्च 2011 को चारों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के दौरान गवाहों के बयान लेने के बाद पुलिस ने साक्ष्य के अभाव में अंतिम आख्या न्यायालय दाखिल की थी।
इसका विरोध करते हुए बड़कौनू ने न्यायालय में प्रोटेस्ट याचिका दाखिल की थी जिसकी सुनवाई के बाद मजिस्ट्रेट ने आरोपियों को न्यायालय में तलब किया था। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जज अबुल कैश ने चारों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया है।