पुलिस ने इंद्रेश गुप्ता, रवि पाल, हनी उर्फ अंकित जायसवाल, मनीष अग्रिहोत्री, मोनू सक्सेना, योगेंद्र नारायण तिवारी उर्फ राकेश, दीपू गुप्ता, पुनीत गुप्ता और अंकुर तिवारी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। वर्ष 2021 में तत्कालीन अपर जिला जज संजीव कुमार सिंह ने सात लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
सुनवाई के दौरान ही योगेंद्र नारायण तिवारी की मौत हो गई थी। इस बीच अंकुर तिवारी कहीं गायब हो गया था। इस कारण उसकी फाइल अलग कर दी गई थी। शुक्रवार को इस मामले में अपर जिला जज सपना त्रिपाठी ने अंकुर तिवारी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पुलिस ने सजा सुनाए जाने के बाद अंकुर को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।