परिजन वहां पहुंचे, तो देखा कि लाश उनकी भतीजी की थी। उसके गले में चोट के निशान थे। शरीर से आधे कपड़े गायब थे। उन्हें कुछ लोगों ने बताया था कि रामसेवक उनकी भतीजी को झाड़-फूंक के बहाने गांव के बाहर एक मजार पर ले गया था। जहां उसने अपने साथियों के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी।
इस मामले की सुनवाई न्यायालय में चल रही थी। अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे लोक अभियोजक मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद छेड़छाड़ व हत्या के दोषी रामसेवक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हो पाई।