हरदोई। उप्र विधान परिषद की दैवी आपदा प्रबंधन जांच समिति की बैठक में हरदोई व उन्नाव के अधिकारी निशाने पर रहे। संचारी रोग नियंत्रण व घरों में लार्वा की जांच रिपोर्ट पर सभापति ने सवाल उठाते हुए डाटा को गलत बताया। कहा कि 1.32 लाख घरों की जांच में सिर्फ सात घरों में लार्वा मिला यह बात समझ से परे हैं, या तो घरों की संख्या सही नहीं है या फिर लार्वा की गंभीरता से जांच नहीं कराई गई।
विधान परिषद की दैवी आपदा प्रबंधन जांच समिति के सभापति की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में बुधवार को हरदोई व उन्नाव के अधिकारियों की बैठक हुई। विधान परिषद सदस्य सभापति उमेश द्विवेदी व सदस्यों ने सीएमओ से नाराजगी जाहिर की कि एंबूलेंस में ब्लड प्रेशर जांचने के पैरामेडिकल स्टाफ तक नहीं लगाया गया। संचारी रोग नियंत्रण अभियान व मच्छरों के लार्वा की जांच के डाटा में हरदोई सीएमओ ने जानकारी दी कि 1.32 लाख घरों की जांच कराई गई है, इसमें सात घरों में लार्वा पाया गया है। इस पर सभापति नाराज हुए और कहा कि यह आकड़ा झूठे हैं। सर्पदंश से मौत पर चार लाख दिए जाने का प्रावधान है लेकिन इसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट अनिवार्य है। इस समिति सदस्यों ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की बाध्यता को खत्म किए जाने की कार्यवाही की जा रही है। जल्द ही शासनादेश जारी होगा।
सभापति ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डूबने, विद्युत करंट, बिजली व सर्पदंश से मरने वाले के आश्रित को तय समय में आर्थिक मदद दी जाए। डीपीआरओ से कहा कि सफाई कर्मचारियों को निर्देशित करें कि गांव की सफाई से पहले नियमित गांव के विद्यालयों की सफाई कराएं। समिति के सदस्य इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह, सत्यपाल सिंह, सुरेंद्र चौधरी, उप सचिव तेज प्रताप सिंह, हरदोई डीएम मंगला प्रसाद सिंह, उन्नाव डीएम अपूर्वा दूबे, सीडीओ सौम्या गुरूरानी, एसपी राजेश द्विवेदी, एडीएम प्रियंका सिंह सहित अधिकारी मौजूद रहे।
डीएम साहब आपने ही नहीं पढ़ी रिपोर्ट
समिति के सभापति व सदस्यों ने उन्नाव की समीक्षा में संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान, बाढ़ से कृषि क्षति, कराए गए कार्य, जनहानि आदि की रिपोर्ट न होने पर नाराजगी जाहिर की। जनहानि की रिपोर्ट में 199 बताए जाने पर विस्तृत आख्या तलब की। सदन में रखी गई रिपोर्ट सही न होने पर उन्नाव डीएम अपूर्वा दुबे से कहा कि डीएम साहब आपने ही नहीं पढ़ी रिपोर्ट। रिपोर्ट पढ़ी होती तो, यह त्रुटियां पकड़ सकती थी और सदन में सही रिपोर्ट आती। उन्नाव सीएमओ की ओर से आमजन के लिए लगवाए गए फोन नंबर की जानकारी पर बैठक से उसे डॉयल कराया, फोन नहीं लगा। निर्देश दिए कि सीयूजी नंबर जारी करें।
समिति के सभापति व सदस्यों ने मेडिकल कॉलेज हरदोई के महिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यहां पर पर्चा शुल्क के लिए लगे क्यूआर कोड को स्कैन किया लेकिन, न खुलने पर नाराजगी जाहिर की। डा. वीके गुप्ता की ओर से रोगियों के ओपीडी रजिस्टर में 19 के स्थान पर 18 जुलाई पड़ी होने पर नाराजगी जाहिर की।