हरदोई। गंगा नदी में सोमवार को पांच सेंटीमीटर (सेमी.) पानी की बढ़ोतरी हुई और जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 40 सेंटीमीटर ऊपर और खतरे के निशान 137.10 मीटर से 10 सेमी. नीचे 137 मीटर पर पहुंच गया है।
रविवार की अपेक्षा सोमवार को गंगा और रामगंगा के जलस्तर में पांच-पांच सेमी. की वृद्धि दर्ज की गई है। बैराजों से गंगा और रामगंगा नदियों में चार लाख 61,672 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा और रामगंगा नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से कटरी और नदियों के किनारे के गांवों के ग्रामीणों को अब कटान और बाढ़ से नुकसान की चिंता सताने लगी है।
बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी ने यहां प्रवाहित गंगा, रामगंगा, गर्रा नदियों के जलस्तर में व़द्धि की है। कंट्रोल रूम से मिली जानकारी में बताया गया कि गंगा नदी में हरिद्वार बैैराज से 1,01,801 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 1,24,035 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 2,13,749 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
रामगंगा नदी में खो बैराज से 22,097 क्यूसेक, हरेबली बैराज से 725 क्यूसेक और रामनगर बैराज से 778 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गर्रा नदी के जलस्तर में 15 सेमी. की कमी दर्ज की गई और जलस्तर 144.85 मीटर पर प्रवाहित हो रहा है।
डीएम एमपी सिंह ने बताया कि बिलग्राम व सवायजपुर एसडीएम से कहा गया है कि वे नदियों के किनारे के गांवों पर विशेष नजर रखें। रेड जोन में चिह्नित 21 गांवों में विशेष जांच शिविर लगवाए जा रहे हैं। किसी तहसील से कोई अप्रिय जानकारी नहीं मिली नहीं है।