हरदोई। अगर शरीर में किसी तरह की चोट लग जाती है या घाव है, तो सभी को तुरंत टिटबैक का इंजेक्शन लगवा लेना चाहिए। क्योंकि यह इंजेक्शन ही आपको टिटनेस के संक्रमण से बचा सकता है।
ऐसे में यदि आपको अपनी जान बचानी है, तो सरकारी तंत्र के भरोसे में न रहेें खुद बाजार से खरीद कर टिटबैक का इंजेक्शन लगवा लें। जिला अस्पताल की इमरजेंसी और ओपीडी में यह इंजेक्शन खत्म हुई कई दिन बीत चुके हैं।
जिला अस्पताल में रोजना 10 से 12 मरीज टिटनेस का टीका लगवाने के लिए आ रहे है। महीने में मरीजों की संख्या देखा जाए तो 250 के करीब पहुंच जाती है। वहीं कभी-कभी तो हादसे में घायल मरीजों अधिक आ जाने से इंजेक्शन के लिए नोकझोंक तक हो जाती है।
ओपीडी में इंजेक्शन रूम में मौजूद फार्मासिस्ट से टिटबैक के इंजेक्शन के बारे में जानकारी की तो उन्होंने बताया कि पिछले एक हफ्ते से टिटनेस इंजेक्शन यहां पर उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने बताया अगर किसी मरीज को टिटनेस का टीका लगवाना ही है तो फिर वह बाहर से खरीद कर ला रहा है। इसके बाद उसे इंजेक्शन लगाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि एक महीने में 10 इंजेक्शन दिए जाते हैं। ये एक दिन में खत्म हो जाते हैं।
डॉक्टरों की सलाह है कि अगर किसी भी व्यक्ति को हादसे में घायल हुआ है या फिर उसे लोहे से चोट लगी है तो उसे टिटनेस का इंजेक्शन लगवाना अनिवार्य होता है। वैसे भी डॉक्टर बताते हैं कि प्रत्येक छह माह में हर व्यक्ति को टिटनेस का टीका लगवा लेना चाहिए।
मरीजों की बात
12 रुपये का एक मिलता है टिटबैक
शहर के आलूथोक निवासी अतुल ने बताया कि वह टिटबैक लगवाने आए थे। उन्हें बताया गया कि यहां पर इंजेक्शन नहीं है। जिसके बाद वह बाहर से एक इंजेक्शन 12 रुपये में खरीदकर लाए।
इंजेक्शन के बारे में मरीजों को नहीं पता
सांडी थाना के मोहल्ला नौशहरा निवासी गोपाल बाइक से गिर कर जख्मी हो गया था। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल आए। यहां टिटबैक के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई।
कोट
टिटबैक का इंजेक्शन उपलब्ध हैं, अगर नहीं है तो इसकी जानकारी होने पर व्यवस्था कराई जाएगी। - डॉ. जेएन तिवारी, सीएमएस, जिला अस्पताल