हरदोई। शहर में वरिष्ठ अधिवक्ता के घर में घुसकर गोली मारकर हत्या किए जाने से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने आम सभा की आपात बैठक के बाद एसपी और डीएम से मुलाकात की।
अधिवक्ताओं ने एसपी से मुलाकात के दौरान दो दिन में घटना का खुलासा न होने पर उग्र प्रदर्शन किए जाने की चेतावनी दी। शाम को लखनऊ के आईजी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने जल्द ही घटना का खुलासा किए जाने का दावा किया।
शहर के सिनेमा चौराहे के पास लखनऊ रोड पर फौजदारी के वरिष्ठ अधिवक्ता कनिष्क मेहरोत्रा (69) पिछले लगभग 40 साल से किराए के मकान में रह रहे थे। मंगलवार रात दो लोग कोर्ट मैरिज को लेकर बातचीत करने मकान में ही स्थित उनके कार्यालय में पहुंचे थे। इसी दौरान कनपटी पर गोली मार दी थी। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल से लखनऊ ट्रॉमा सेंटर भेजा गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था।
शहर के व्यस्ततम इलाके में हुई इस वारदात से खलबली मच गई थी। घटना को लेकर आक्रोशित अधिवक्ताओं ने बुधवार सुबह 10 बजे आम सभा की आपात बैठक बुलाई। बैठक में अधिवक्ताओं ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष केडी शुक्ला उर्फ टुल्लू बाबू से पूरे मामले में हस्तक्षेप की बात कही। इस पर पांच अगस्त तक हड़ताल किए जाने, जुलूस निकालकर विरोध-प्रदर्शन करने, एसपी और डीएम से मुलाकात कर घटना का खुलासा किए जाने की मांग किए जाने की बात तय की।
इसके बाद दो मिनट का मौन रखकर कनिष्क मेहरोत्रा को श्रद्धांजलि दी और न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला किया। दीवानी न्यायालय परिसर में घूमते हुए अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। यहां एसपी नीरज कुमार जादौन से घटना का खुलासा दो दिन के अंदर करने की बात कही। ऐसा न होने पर उग्र प्रदर्शन किए जाने की चेतावनी एसोसिएशन के अध्यक्ष टुल्लू बाबू ने दी।
इसके बाद महिला थाना, अस्पताल तिराहे होते हुए अधिवक्ता सिनेमा चौराहे पहुंचे। यहां मानव श्रंखला बनाकर सड़क पर ही बैठ गए। लगभग 15 मिनट तक जाम लगाए रहने के बाद यह लोग कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम एमपी सिंह से मुलाकात की। घटना में प्रभावी कार्रवाई कराए जाने की मांग की। शाम को लगभग साढ़े चार बजे लखनऊ के आईजी प्रशांत कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से घटना को लेकर पूछताछ की। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष से धैर्य पूर्वक सहयोग करने की बात कहते हुए जल्द ही घटना का खुलासा किए जाने का भरोसा दिया।
इस दौरान एसपी नीरज कुमार जादौन, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र, सीओ सिटी अंकित मिश्रा आदि मौजूद रहे। अधिवक्ताओं में संयुक्त मंत्री प्रशासन शशिकांत सिंह गौर, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष उदयवीर सिंह भदौरिया, त्रिलोकी सिंह गौर, अशोक द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
घटना के पीछे संपत्ति विवाद की चर्चा के बाद पुलिस ने सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह यादव समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है। दरअसल, जिस मकान में कनिष्क मेहरोत्रा किराए पर रह रहे थे, उसे उक्त चारों लोग 15 साल पहले खरीद चुके हैं। बाकी किरायेदारों ने मकान खाली भी कर दिया है, लेकिन कनिष्क ने मकान खाली नहीं किया था। यही वजह है कि मकान खरीदने वाले चारों लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि, शाम तक इन चारों का इस मामले से कोई सीधा संबंध पता नहीं चल सका।
एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि कनिष्क मेहरोत्रा वरिष्ठ अधिवक्ता थे। आपराधिक मामलों को लड़ते थे। ऐसे में उन मुकदमों की जानकारी भी कराई जा रही है, जिनमें कनिष्क मेहरोत्रा पैरवी कर रहे थे या पूर्व में कर चुके थे। साथ ही कई अन्य बिंदुओं पर भी पुलिस जांच कर रही है। पूरे प्रकरण में कनिष्क के भाई हर्ष मेहरोत्रा की तहरीर पर तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या किए जाने की रिपोर्ट शहर कोतवाली में दर्ज की गई है।
कनिष्क मेहरोत्रा के घर में ममता नाम की महिला खाना बनाने आती थी। मंगलवार को वह सुबह से ही कनिष्क मेहरोत्रा के मकान में थी। हालांकि, ममता ने पुलिस को घटना के समय रसोई में होने की जानकारी दी है। महत्वपूर्ण बात यह है कि ममता के बेटे की मौत भी जनवरी में संदिग्ध हालात में हुई थी। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पानी में डूबकर मौत होने की बात सामने आई थी। ममता शहर के विष्णुपुरी मोहल्ले में भी एक मकान में खाना बनाने जाती रही है।
वरिष्ठ अधिवक्ता कनिष्क मेहरोत्रा की गोली मारकर हत्या किए जाने के विरोध में संडीला, शाहाबाद और सवायजपुर में भी अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। सवायजपुर में तहसील परिसर में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राघवेंद्र शुक्ला और मंत्री धर्मेंद्र यादव के नेतृत्व में जुलूस निकालकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान जितेंद्र मिश्रा, पवन यादव, अरविंद, आनंद मिश्रा आदि मौजूद रहे।
शाहाबाद में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रामजी तिवारी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान महामंत्री वसंत गुप्ता, अमित मिश्रा, ज्ञान प्रकाश पाल, नीरज दीक्षित मौजूद रहे। संडीला में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नसीम खां के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन हुआ। इस दौरान शैलेंद्र सिंह, पंकज त्रिपाठी, अनुराग अस्थाना, राज कुमार, मुन्नालाल आदि मौजूद रहे।