संवाद न्यूज एजेंसी
मल्लावां-हरपालपुर। बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी व पहाड़ों पर हो रही बारिश से यहां आई बाढ़ ने लोगों को बेघर कर दिया है। बाढ़ का पानी घरों तक भरने से लोग ऊंचे स्थानों के साथ ही सड़क किनारे तिरपाल लगाकर रहने को मजबूर हैं। नदियों के पानी में उतार-चढ़ाव और गंगा नदी का पानी खतरे के निशान 137.10 मीटर से ऊपर होने से लोगों की दिक्कतें कम नहीं हो रहीं हैं। लोगों के सामने अब राशन-पानी, मवेशियों के चारा-दाना और बिजली आपूर्ति आदि की समस्या बनी हुई है।
मल्लावां क्षेत्र में गंगा के पानी से कटरी क्षेत्र में बाढ़ से कई गांवों में जलभराव हो गया और कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए। इससे किसानों की सैकड़ो बीघा फसल बर्बाद हो गई है। बाढ़ से प्रभावित गांवों के लोगों को अभी तक प्रशासन से कोई मदद नहीं मिल सकी है। क्षेत्र के गांव हरीगंज, प्रथम द्वितीय, तृतीय, माहिमपुर, रतेपुरवा, आबादी, लोनार, लोकईयापुरवा, शेखनपुरवा, हीरापुरवा, बक्सीपुर, देवीपुरवा, भगतपुरवा गांवों में जलभराव हो गया है।
बेरिया, हरीगंज, लोकईपुरवा गांव जाने वाले मार्गों पर भी पानी भर गया था।रामपुर, शाहपुर पवार, सिरसैया, एकघरा, नरायनमऊ, मोहब्बत, बाबटमऊ, मढ़िया, हर्रईया के आसपास जलभराव हो गया। जलभराव के कारण शेखनपुरवा व बक्सीपुर गांव के लोग मेंहदीघाट मार्ग पर करीब एक सैकड़ा परिवार तिरपाल की झोपड़ी बनाकर गुजर-बसर कर रहे हैं। गंगा में पानी कम होने से बाढ़ प्रभावित गांवों से पानी तो निकलना शुरू हुआ है लेकिन, गंदगी बनी हुई है।
बेरिया-कुतुवापुर रोड पर अभी भी पानी बह रहा है। गांव निवासी बबलू, कलक्टर, गुड्डु, मोहित, राकेश राजपूत, ,अजय राजपूत, रामपाल राजपूत ने बताया कि अभी तक किसी तरह की मदद नहीं मिली है। हरपालपुर क्षेत्र में हरपालपुर-श्रीमऊ मार्ग पर चौसार के पास गंभीरी नदी के पुल का एप्रोच मार्ग अभी तक दुरूस्त नहीं कराया जा सका है। अर्जुनपुर के पास सड़क कटी होने से लोगों को नाव से ही आवागमन करना पड़ता है। गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी में आई बाढ़ से कटियारी क्षेत्र के 50 गांवों की बिजली आपूर्ति अभी तक बहाल नहीं हो सकी है। लोगों के सामने मवेशियों के चारा-दाना की भी दिक्कतें बनी हुई हैं।
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रामगंगा नदी में दूसरे दिन 25 सेंटीमीटर बढ़ा पानी
बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से नदियों के पानी में उतार-चढ़ाव जारी है। रविवार को गंगा नदी के पानी में कोई कमी व वृद्धि नहीं हुई। पानी खतरे के निशान 137.10 मीटर से 15 सेंटीमीट (सेमी.) ऊपर 135.25 मीटर पर बना हुआ है। रामगंगा नदी के पानी में दूसरे दिन 25 सेमी. की बढ़ोतरी हुई और पानी 136.65 मीटर पर पहुंच गया है। गंगा नदी के पानी में 30 सेमी. कमी आई और पानी 145.55 मीटर पर आ गया है।
बैराजों से गंगा व रामगंगा नदी में 3 लाख 5,484 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 96,243, बिजनौर बैराज से 87,674 व नरौरा बैराज से 1,07,213 क्यूसेक और रामगंगा नदी में खो बैराज से 7,753, हरेबली बैराज से 5,364 व रामनगर बैराज से 1,237 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बैराजों से छोड़े गए पानी का प्रभाव यहां पर तीसरे दिन दिखाई देता है।
डीएम एमपी सिंह ने बताया कि पानी कम हो रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार रिपोर्ट ली जा रही है। प्रभावित परिवारों को राशन किट व भोजन पैकेट का वितरण कराया जा रहा है।