हरदोई। गर्रा नदी में किसानों से भरी ट्रैक्टर ट्राली गिरने की सूचना से पूूरा बेगराजपुर गांव काम छोड़कर पैदल घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा। इस कारण घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। अफरातफरी और दुख भरे माहौल में बचाव अभियान चला। आसपास के गांवों के बाशिंदों की भीड़ लग गई। पुलिस-प्रशासन के अधिकारी ग्रामीणों को सांत्वना देकर ढांढस बंधाने के प्रयास में जुटे हैं।
गर्रा नदी पुल से बेगराजपुर गांव करीब एक किलोमीटर दूर है। गांव की आबादी करीब 800 है। किसान सुबह खेतों से खीरा तोड़कर मंडी में बेचने निकले थे। दोपहर में हादसा हो गया। हादसे की सूचना से पूरे गांव में कोहराम मच गया।
गांव के पुरुष, महिलाएं, युवा, किशोर सब काम छोड़कर भागते हुए घटनास्थल पहुंचे। हादसे से खौफजदा कई महिलाएं बेसुध हो गईं, तो कई महिलाएं नदी की तपती रेत में गिरकर रोती-बिलखती रहीं।
घटना के कई घंटे गुजरने के बाद भी नदी में डूबे किसानों का पता नहीं चला। इससे ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन पर हीलाहवाली बरतने का आरोप लगाया। पुलिस लगातार ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रही है।
महिला नदी में कूदी
- हादसे के कई घंटे बीतने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भी फूटने लगा। हादसे में लापता अमित की चाची सुशीला नदी किनारे पहुंच गईं। पहले तो वह अमित-अमित कहकर रोती रहीं। कुछ देर बाद गुस्से में आकर पुलिस पर घटना मेें कुछ नहीं कर पाने का आरोप लगाकर नदी में कूद गईं। ग्रामीणों ने उन्हें नदी में कूदता देखा तो शोर मचा दिया। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने उन्हें बाहर निकाला।
फोटो-31- हादसास्थल गर्रा नदी किनारे रोती-बिलखती महिलाएं।- फोटो : HARDOI
फोटो-32- हादसा स्थल पर रोते बिलखते परिजनों को समझाती एडीएम वंदना त्रिवेदी।- फोटो : HARDOI
फोटो-29- रामरहीस- फोटो : HARDOI