हरदोई जिले में जाति की बंदिशों के चलते जिंदा रहते भले ही प्रेमी युगल की शादी नहीं हो सकी लेकिन मरने के बाद परिजनों ने उन्हें आसपास दफनाया। हरियावां थाना क्षेत्र के मरई गांव निवासी अरविंद के बेटे शोभित (19) का गांव में अपने ननिहाल में रह रही ज्योति (17) के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था।
दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन अलग-अलग जाति के होने के कारण साथ नहीं रह सके। बुधवार की सुबह स्कूल जाने की बात कह कर ज्योति घर से निकल गई थी। इधर शोभित भी घर से बाइक लेकर निकल गया था। देर शाम तक दोनों के घर न आने पर तलाश की गई थी लेकिन पता नहीं चल सका था।
गुरुवार सुबह टड़ियावां थाना क्षेत्र में बेहटी गांव के पास झाड़ियों में दोनों के शव शीशम के पेड़ में फंदे से लटके मिले थे। एसपी राजेश द्विवेदी ने मौके पर पहुंच कर जांच की थी। घटनास्थल पर ज्योति की पर्स और दो मोबाइल रखे मिले थे। पर्स में एक सुसाइड नोट मिला था। इसमें मरने के बारे में लिखा था। कुछ लोगों पर बदनाम करने का आरोप लगाया गया था, लेकिन लोगों के नाम नहीं खोले गए थे।
आत्महत्या में परिजनों का कोई हाथ न होने और मर्जी से जान देने का भी उल्लेख था। शुक्रवार को पुलिस ने दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजन के सुपुर्द कर दिया। परिजन ने दोनों को देहात कोतवाली के अब्दुल्लपुरवा स्थित कब्रिस्तान में पास पास दफन दिया।