हरदोई। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी वूमेन के जज सुधाकर दुबे ने दहेज हत्या के दोषी पति को सात वर्ष की सजा सुनाई है। इसके साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
पिहानी थाना क्षेत्र के गांव अकोहरा निवासी छंगा लाल ने 26 जुलाई 2012 को न्यायालय में वाद दायर किया था। इसमें बताया था कि घटना के एक वर्ष पूर्व उसने अपनी बेटी रेनू की शादी सुरसा थाना क्षेत्र के गांव मोना निवासी कौशल के साथ की थी।
शादी में उसने सामर्थ के अनुसार दहेज दिया था। शादी के बाद से ही बेटी के ससुराली और दहेज की मांग करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर ससुरालियों ने 12 मई 2012 को उसकी बेटी को मार डाला था।
न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने पति कौशल समेत आठ लोगों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के बाद कौशल के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। वहां अन्य लोगों के नाम पुलिस ने विवेचना के दौरान निकाल दिये थे।
मामले की सुनवाई न्यायालय में चल रही थी। अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे अमलेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जज ने दोषी पति को सात साल की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद उसे पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।