कछौना। कोतवाली क्षेत्र में बाघा डांडा गांव के पास स्थित बबूल के जंगल मेें मंगलवार सुबह 18 संरक्षित पशु के अवशेष पड़े मिलने से सनसनी फैल गई।
ग्रामीणों की सूचना पर सीओ विकास जायसवाल ने मौके पर पहुंचकर जांच की। घटना से ग्रामीणों में आक्रोश है। सीओ ने तस्करों को जल्द गिरफ्तार किए जाने की बात कही।
इनायतपुर के मजरा बाघा डांडा मेें उच्च प्राथमिक विद्यालय के पास बबूल का जंगल है। मंगलवार सुबह जंगल में चरवाहे मवेशी चराने गए। उन्होंने जंगल में संरक्षित पशु के अवशेष पड़े देखे।
ग्रामीणों के मुताबिक 18 पशुओं के अवशेष थे। घटनास्थल पर मिले मवेशियों के पेट से निकला चारा और खून पड़ा था। ग्रामीणों का कहना है कि सोमवार की रात मवेशी काटे गए है।
तस्कर पिकअप में मांस लादकर मौके पर अवशेष फेंक गए। इसकी सूचना पर सीओ विकास जायसवाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। सीओ ने पशु चिकित्साधिकारी को बुलाकर जांच कराई।
सीओ ने बताया कि पशु चिकित्साधिकारी ने चार संरक्षित पशु होने की बात कही है। तस्करों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें लगाई गई हैं। जल्द की उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।