हरदोई। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले उच्च प्रबंधन के तानाशाही रवैये के विरोध में चौथे दिन शुक्रवार को भी बिजलीकर्मी कार्य बहिष्कार पर रहे। बिजलीकर्मी के कार्य बहिष्कार के कारण उपभोक्ताओं को बिजली कार्यालय से लौटना पड़ रहा है।
धरने में कर्मचारियों ने कहा कि उच्च प्रबंधन उपभोक्ताओं के बीच विद्युत विभाग की नकारात्मक छवि प्रस्तुत करने के लिए बीते दिनों त्योहारों के दौरान भी उपभोक्ताओं के संयोजन काटने के निर्देश दिए। इससे विद्युत कर्मियों की उपभोक्ताओं व जनप्रतिनिधियों में छवि खराब हुई।
निजी नलकूप के आयोजन के लिए धनराशि जमा होने के बाद भी स्टोर से सामग्री मिलने में 4-5 महीने लग रहे हैं। 68000 रुपये का अनुदान को भी लगभग तीप वर्ष से बंद कर दिया गया है। इस कारण बहुत से गरीब किसान निजी नलकूप का कनेक्शन नहीं ले पा रहे हैं।
निजीकरण को बढ़ावा देने के नाम पर आउटसोर्सिंग द्वारा संविदा पर कर्मचारियों को काम पर रखा जा रहा है। ऐसे में जी छात्र आईटीआई, बीटेक आदि करने भविष्य में सरकारी संस्थानों में सेवाएं देने का सपना संजोए बैठे हैं, उनके सपनों पर लगातार कुठाराघात हो रहा है। अधिशासी अभियंता रामदास, विनोद कुमार, रणजीत सिंह, हरदीपक यादव, आशीष श्रीवास्तव, सुरेंद्र यादव, अजय वर्मा आदि मौजूद रहे।
बिजली कर्मियों की हड़ताल के कारण बिजली विभाग के कार्यालय खाली पड़े हैं। अधिकतर में ताला लटका हुआ है। इससे उपभोक्ताओं के कार्य नहीं हो रहे हैं। उपभोक्ताओं को बिल सही कराने से लेकर कनेक्शन आदि नहीं हो रहे है। इससे उपभोक्ताओं को समस्या आ रही है।