हरदोई। उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों ने बिलग्राम स्थित भारतीय स्टेट बैंक, माधौगंज स्थित बैंक ऑफ इंडिया, सिविल लाइन स्थित नेशनल इंश्योरेंस कंपनी तथा महालक्ष्मी टूर एंड ट्रैवलर के मालिक को पीड़ितों की राशि भुगतान करने का आदेश दिया है।
उपभोक्ता आयोग ने यह आदेश तीन मामलों में दिया है। आयोग के पदाधिकारियों ने पीड़ितों की सुनवाई करते हुए संबंधितों को क्षतिपूर्ति समेत पूरी रकम लौटाने का आदेश दिया है।
केस - 1
कस्बा माधौगंज निवासी विवेक कुमार ने कामधेनु योजना के तहत बैंक ऑफ इंडिया से ऋण लेकर दुग्ध डेयरी खोली थी। गायों का बीमा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी से कराया था। चार गायों की मौत हो गई थी।
जिनकी कीमत दो लाख चौरासी हजार थी। बैंक व बीमा कंपनी ने क्लेम देने से मना कर दिया। उसने उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया था।
मामले की सुनवाई करते हुए उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष बाबू प्रसाद, सदस्य दिलशाद अली व सुरभि अग्रवाल ने पीड़ित को कस्बा माधौगंज स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा और सिविल लाइंस स्थित नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को दो लाख चौरासी हजार रुपये का भुगतान 30 दिन के अंदर करने का आदेश दिया है। वहीं जुर्माने के रूप में 10 हजार रुपये दिलाने का आदेश दिया है।
केस - 2
बिलग्राम कस्बा निवासी मुन्ने लाल और उसकी मां रेशमा देवी ने भारतीय स्टेट बैंक की शाखा बिलग्राम में (एसटीडीआर) के अंतर्गत 30,400 रुपये जमा किए थे। आठ साल बाद ब्याज सहित 64,000 रुपये बैंक को देने थे।
जब वह जमा पैसा निकालने गए तो बैंक के कर्मचारियों ने कहा कि खाते का नवीनीकरण करा लें। इससे 74 माह बाद पैसे की राशि डबल कर दी जाएगी। नवीनीकरण के बाद समय सीमा पूरी होने पर जब पैसे निकालने गया।
तो बैंक प्रबंधक ने दूसरी बार जमा राशि पर ब्याज देने से मना कर दिया। पीड़ित ने उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया था। आयोग ने सुनवाई करते हुए बैंक को पीड़ितों का 64 हजार रुपये और 74 माह के लिए निवेश की गई रकम का ब्याज का भुगतान करने का आदेश दिया है।
केस - 3
ट्रेवल्स के मालिक को क्षतिपूर्ति सहित देनी होगी राशि
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सुभाष नगर निवासी कमलेश पाठक ने उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया था। इसमें बताया था कि वह मित्र सर्वाधार सिंह व अन्य साथियों के साथ चार धाम की यात्रा पर गया था।
यात्रा के लिए महालक्ष्मी टूर एंड ट्रेवल्स के मालिक ने खाने-पीने व ठहरने के लिए होटल की बुकिंग कराई थी। जिसका किराया आदि पहले ही दे दिया था। विपक्षी ने जिस होटल में रुकने के लिए पैसे जमा कराए थे, उसमें न रोक कर दूसरी जगह रोक दिया।
जब उसने पैसों की मांग की तो मना कर दिया। आयोग के पदाधिकारियों ने कंपनी के मालिक राहुल बेरी को क्षतिपूर्ति सहित 35,500 रुपये 45 दिन के अंदर अदा करने का आदेश दिया है। तय समय पर भुगतान न करने की दशा में सात फीसदी ब्याज दर से भुगतान करना होगा।