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हरदोईः अब दफ्तरों में होगी बायोमैट्रिक हाजिरी

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फोटो-10- कलक्ट्रेट में पटलों का निरीक्षण करते डीएम एमपी सिंह, साथ में सिटी मजिस्ट्रेट डा सदानंद गुप - फोटो : HARDOI
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हरदोई। जिले में कार्यभार ग्रहण करने के बाद पहले ही दिन डीएम एमपी सिंह ने सिस्टम के पेंच कस दिए। उन्होंने सुबह 10 बजे कलक्ट्रेट स्थित विभिन्न अनुभागों के पटलों का निरीक्षण किया।
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स्थानीय निकाय निर्वाचन कार्यालय भी पहुंचे। पटल प्रभारियों व कर्मचारियों से जानकारी हासिल की। उनकी समस्याएं पूछी, दिक्कत हो तो सीधे बताने में किसी प्रकार का संकोच करने की बात कही।
इसके साथ ही जनता से जुड़े कार्यों को उच्च प्राथमिकता पर करने के निर्देश दिए। यह भी बताया कि सभी कार्यालयों में जल्द बायोमैट्रिक हाजिरी लगेगी।
निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर टूटी फर्श, सीढ़ी तथा बिखरे बिजली के तारों को देखकर उन्हें ठीक कराने के निर्देश दिए। राजस्व अभिलेखागार के निरीक्षण के दौरान आवेदनकर्ता को एक सप्ताह में नकल उपलब्ध कराने व सभी आवेदन आदि ऑनलाइन दर्ज कराने के निर्देश दिए।
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कलक्ट्रेट परिसर में स्वच्छता वाटिका व सभी स्थानों पर साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद आम लोगों की शिकायतों की सुनवाई स्वयं करते हुए लोगों को भरोसा दिलाया कि नियमानुसार कार्रवाई होगी। निरीक्षण के दौरान एडीएम वंदना त्रिवेदी, सिटी मजिस्ट्रेट डा. सदानंद गुप्ता, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अभिषेक, डीआईओ संतोष कुमार मौजूद रहे।
तय होगी जिम्मेदारी जवाबदेही
डीएम एमपी सिंह ने बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता के अनुसार जिले के लोगों को विकास योजनाओं का लाभ दिलाना व समस्याओं का समाधान कराना उनकी प्राथमिकता है। कुछ अफसरों के सीयूजी फोन न उठाने और आम लोगों से न मिलने सहित वर्जन आदि को लेकर किए गए सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी की जिम्मेदारी व जवाबदारी तय की जाएगी। वह स्वयं बात कर वर्जन आदि देने के लिए उपलब्ध रहेंगे।
अनियमितता स्वीकार नहीं, आम लोगों के फोन उठाएं अफसर
डीएम एमपी सिंह ने दोपहर बाद विकास भवन सभागार में जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। डीएम ने कहा कि किसी प्रकार की अनियमितता स्वीकार्य नहीं की जाएगी।
सभी अफसर आम लोगों के फोन रिसीव कर उनकी बात सुने और नियमानुसार कार्रवाई करें। किसी भी प्राइवेट कर्मचारी को कार्यालय में न रखा जाए। जनप्रतिनिधियों के पत्रों का समय से जवाब दिया जाए।
10 लाख से अधिक के सभी कार्य ई-टेंडरिंग के बिना न कराए जाएं। सभी लोग टीम भावना के साथ करें। आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाए। बैठक में सीडीओ आकांक्षा राना, सीएमओ डॉ. राजेश तिवारी सहित जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहेे।
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