वहीं, नीरज अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। हादसे में दो दोस्तों की मौत की सूचना से गांव में मातम पसरा है। परिजनों का कहना था कि उन्हें क्या पता था कि बेटे लौट कर घर नहीं आएंगे। घर की महिलाएं रह-रहकर चीत्कारें मारकर रो पड़ती।
अकुंल था परिवार का सहारा
हादसे में मौत का शिकार हुए अंकुल की मां गुड्डी ने बताया कि वह चार भाइयों में दूसरे नंबर पर था। वह चंडीगढ़ में मजदूरी करता था। उसी के भेजे पैसों से परिवार का भरण-पोषण होता था। रात में बेटा उसे गंगा स्नान के लिए जाने की बात कहकर गया था। कुछ घंटे बाद बेटे की मौत का समाचार मिला। वहीं प्रमोद भी दो भाइयों में दूसरे नंबर पर था। वह अपने घर कभी-कभार ही जाता था।