हरदोई। रबी की फसलों के लिए खाद की तलाश में किसान सुबह से शाम तक लाइन लगा रहे हैं। जिला प्रशासन के खाद वितरण के इंतजाम सिर्फ बातों तक नजर आ रहे है। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद न मिलने से परेशान सैकड़ों किसान हर रोज जिला मुख्यालय आ रहे है। यहां भी उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है।
पीसीएफ मुख्यालय पर खाद वितरण को लेकर बेपरवाही कर रहा है। यह हालात तब हैं जब समिति के लखनऊ मंडल के निदेशक राम बहादुर सिंह ने अपने क्षेत्र में गांव-गांव खाद वितरण के दावे किए थे। गांवों तक तो खाद पहुंचना दूर जिला मुख्यालय पर ही किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है।
बुधवार को सिनेमा चौराहा व कैैनाल रोड के पास स्थित समितियों पर खाद के लिए किसानों की लाइन लगी रही। बावन क्षेत्र से आए किसान कौशल व सांडी क्षेत्र से आए मंझिले ने बताया कि क्षेत्र में खाद नहीं मिल रही है। जिला मुख्यालय पर आए यहां भी खाद नहीं मिल पाई।
एआर कोऑपरेटिव एके सिंह ने बताया कि समितियां धन उपलब्धता के अनुसार से पीसीएफ से खाद की उठान करती हैं। उठान के अनुसार इसका वितरण होता है।
जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि अब तक 21,831 एमटी डीएपी का वितरण 1,97,286 किसानों को किया जा चुका है। पिछले दिनों कृभको की डीएपी रैक में 3146 एमटी साधन सहकारी समितियों व कृभको सेंटर पर 250 एमटी, पीसीएफ को 536 एमटी डीएपी मिली है। निजी क्षेत्र के लिए भी खाद की रैक आई है। इसमें 940 एमटी डीएपी व 375 एमटी एनपीके है। खाद की उपलब्धता बनाए रखने का प्रयास है।
बेंहदर संवाद प्रतिनिधि के अनुसार साधन सहकारी समितियों पर डीएपी खत्म हुए पांच दिन बीत गए हैं। किसान समितियों पर पहुंचे तो बैरंग लौट गए। बताया कि गुरुवार तक डीएपी मिलने की संभावना है।
कासिमपुर स्थित साधन सहकारी समिति पर ताला लटक रहा है। घुघेरा ग्राम पंचायत की साधन सहकारी समिति पर मंगलवार से खाद नहीं है। गोदाम प्रभारी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि 300 बोरी डीएपी आई थी। जिसे किसानों को वितरित कर दिया गया। गुरुवार तक और खाद आ जाने की संभावना है। डीएपी आते ही वितरण शुरू किया जाएगा।
फोटो-12- उपभोक्ता भंडार पर खाद लेने को लगी किसानों की लाइन- फोटो : HARDOI