चार दिन में तीन लोगों पर कर चुके हैं हमला
बंदरों के आतंक से सकरा गांव के बाशिंदे परेशान हैं। घरों में बच्चों से लेकर बुजुर्ग सुरक्षित नहीं हैं। पिछले चार दिनों में गांव के अशोक, रामशंकर, कमला बंदरों के हमले का शिकार हो चुकी हैं। इन सभी का परिजन गांव में ही इलाज करा रहे हैं।
बंदरों से नजर न मिलाएं, एकजुट होकर भगाएं
वन रेंजर आलोक कुमार ने बताया कि बंदर अगर खाने की वस्तु छीनने के लिए झपटता है, तो उस वस्तु को दूर फेंक कर खुद को बचाएं। बंदरों का झुंड अगर छत या अन्य जगहों पर मिले तो नजर न मिलाएं। बंदरों को चिढ़ाने का प्रयास न करें। एकजुट होकर मुकाबला कर उन्हें भगाएं। यदि बंदर आपस में झगड़ें, तो हस्तक्षेप न करें।