हरदोई। मनरेगा मद में वित्तीय वर्ष 2021-22 में सर्वाधिक खर्च करने वाली ग्राम पंचायतों के आठ पंचायत सचिवों ने ऑडिट टीम को अभिलेख नहीं दिए हैं।
मूल भुगतान पत्रावलियां न दिए जाने से कार्य और भुगतान संदेह की श्रेणी में आ गया है। संडीला के कार्यक्रम अधिकारी ने पंचायत सचिवों को अभिलेख न देने पर दिसंबर का वेतन रोकने की चेतावनी दी है।
विकासखंड संडीला की ग्राम पंचायत बराही, अटसलिया, परिहावां, किन्हौटी, जामू, महिगवां, गोगावेद, गोसवा डोंगा, गोगावां उमराव, बरिया कासिमाबाद ने वर्ष 2021-22 में मनरेगा मद में सर्वाधिक खर्च किया है। इन कामों का ऑडिट किया जाना है। इसलिए ग्राम पंचायतों से अभिलेख मांगे गए थे।
इन ग्राम पंचायतों के पंचायत सचिव मानवेंद्र प्रताप सिंह, ममता राजपूत, देशराज, संजय कुमार, किरन यादव, अनुराग यादव, प्रवीण कुमार और राम दुलारे यादव ने अभी तक ऑडिट के लिए अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए हैं।
कार्यक्रम अधिकारी संडीला राजीव गुप्ता ने इन पंचायतों के सचिवों को नोटिस दिया है। इसमें कहा है कि मनरेगा मद के कार्यों के अभिलेख तत्काल कार्यालय में मनरेगा लेखाकार को प्राप्त कराएं।