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हरदोईः प्यार में जाति बनी बाधा, ज्योति ने दुल्हन की बनकर कहा दुनिया को अलविदा

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हरदोई। प्यार के बीच जाति का बंधन बाधा बनी, तो ज्योति ने दुल्हन बनकर दुनिया को अलविदा कह दिया। एक ही पेड़ पर दोनों ने फंदा लगाकर जान दे दी। मृतका ज्योति मंगलसूत्र, बिछिया और चूड़ियां पहने थी। ग्रामीणों का कहना था कि मरने से पहले उन्होंने शादी की। इसके बाद जान दे दी।
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हरियावां के मरई गांव स्थित ननिहाल में रहने वाली ज्योति (17) के नाना शिव कुमार और पड़ोस में रहने वाले शोभित (20) के पिता अरविंद में काफी घनिष्ठता थी।
इस कारण ज्योति और शोभित का एक-दूसरे के घर आना जाना था। ज्योति क्षत्रिय थी, तो शोभित पासी जाति का था। ग्रामीणों के मुताबिक दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था।
इसकी जानकारी पर शोभित को उसके परिजनों ने तीन साल पहले पढ़ने के लिए ननिहाल भेज दिया था। इसके बाद से दोनों की फोन पर बातचीत होती थी। शोभित गांव आता जाता रहता था।
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दोनों शादी करना चाहते थे। अलग-अलग जाति के होने के कारण दोनों के परिजन रिश्ते से नाखुश थे। प्यार के बीच जाति बाधा बन रही थी। जिससे दोनों एक साथ नहीं रह सकते थे, इसलिए दोनों ने साथ मरने की कसम खाई।
बुधवार सुबह ज्योति स्कूल जाने और शोभित बिना बताए बाइक लेकर घर से निकला था। उसने टड़ियावां थाने के बेहटी गांव के पास खड़ंजे पर बाइक खड़ी दी। इसके बाद झाड़ियों में जाकर शीशम के पेड़ में एक ही फंदे से लटककर जान दे दी।
एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि किशोरी के पर्स से सुुसाइड नोट मिला है। जिसमें दोनों के नाम लिखे हैं। अलग-अलग जाति के होने के कारण परिजन दोनों के मिलन में बाधक बन रहे थे। इसका उल्लेख सुसाइड नोट में है।
बाइक ले गई थी पुलिस, नहीं लिया था संज्ञान
घटनास्थल के पास खड़ंजा है। बुधवार शाम खड़ंजे से गुजर रहे ग्रामीणों ने शोभित की बाइक लावारिस खड़ी देखी थी। ग्रामीणों ने 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बाइक को कब्जे में लेकर पड़ोस स्थित एक धर्मकांटा पर खड़ी करा दी। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस अगर बाइक ले जाने से पहले आसपास तलाश कर लेती तो शायद दोनों के शव शाम को ही मिल जाते।
पांच भाई-बहनों में बड़ी थी ज्योति, तीन भाई थे शोभित
प्यार की बाजी हार कर दुनिया को अलविदा कहने वाली ज्योति पांच भाई-बहनों में बड़ी थी। उसके पिता संजय सिंह हरियाणा के गुरुग्राम स्थित एक निजी कंपनी में काम करते थे। मां अनीता और एक भाई और तीन बहनें हरदोई के अब्दुल पुरवा में खुद के मकान में रहतीं है। शोभित के पिता अरविंद ने बताया कि शोभित तीन भाइयों में बड़ा था।
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