हरदोई। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेेश के बाद भी पराली जलाए जाने की घटनाओं को डीएम ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने इसके लिए प्रधानों की भी जिम्मेदारी तय करनी शुरू कर दी है। माधौगंज ब्लॉक की ढेडनी सरैयां की प्रधान से पराली जलने के मामले में जवाब-तलब किया है।
एनजीटी ने प्रदूषण की रोकथाम के लिए पराली और फसल अवशेष जलाने पर रोक के आदेश दिए हैं। यहां पर प्रधान, लेखपाल, पंचायत सचिव सहित कृषि विभाग को इसकी रोकथाम की जिम्मेदारी दी गई। बावजूद इसके पराली जलाने की घटनाएं सामने आईं हैं।
डीएम एमपी सिंह ने कृषि विभाग के उप निदेशक की रिपोर्ट पर माधौगंज की ग्राम पंचायत ढेडनी सरैयां में पराली जलाने की एक से अधिक घटना पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने माधौगंज बीडीओ के माध्यम से प्रधान गीता को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है।
नोटिस में कहा है कि खरीफ फसल के अवशेष जलाने पर रोक के लिए कोई प्रयास नहीं किया गए। ये पंचायतीराज अधिनियम के तहत पदीय कर्तव्यों के पालन में चूक है। साक्ष्य सहित एवं संतोषजनक जवाब न आने पर वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारी सीज कर दिए जाएंगे।