राजू महाराष्ट्र में रहकर काम करता था। चार मार्च को वह महाराष्ट्र से अपनी ससुराल आया था। उसके सौतेला भाई दीपू सिंह और कासिमपुर के पिलखनी गांव निवासी दीपू के साले कुलदीप ने उसे फोन करके पिलखनी बुलाया था। वह बाइक से पिलखनी गया था। इसके बाद से वह लापता हो गया था।
रजनीश ने सौतेले भाई दीपू व उसके साले के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके पहले राजू का गोपाल के परिजन अंतिम संस्कार कर चुके थे। अब पुलिस ने शव की पहचान के लिए दोनों के परिजनों की डीएनए जांच कराई। सात माह बाद डीएनए रिपोर्ट आई, जिससे राजू का शव होने की शिनाख्त हुई।
सात माह इंतजार करने के बाद परिजन में न्याय की उम्मीद अब जागी है। वहीं अब परिजन खुलासे का इंतजार कर रहे हैं। एसओ हरिशंकर प्रजापति ने बताया कि डीएनए रिपोर्ट आई है। जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर दोषियों को जेल भेजा जाएगा।