मल्लावां। मोहल्ला श्यामपुर के बाबा गौरीशंकर धाम पर कथा व्यास ने कहा कि धर्म और धैर्य से पारिवारिक जीवन सुखमय रहता है।
बाबा गौरीशंकर धाम पर श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास आचार्य जितेंद्र कृष्ण मिश्र ने बताया कि भागवत का मूल अर्थ पुरुषार्थ है। चतुर्थ स्कंध में धर्म का निरुपण करते हुए भगवान शंकर के विषय में बताया। कहा कि शंकर भगवान का दक्ष ने अपमान किया लेकिन, पत्नी सती से शंकर जी ने कुछ भी नहीं कहा। भगवान शिव से सांसारिक व्यक्ति को पारिवारिक सामंजस्य की सीख लेनी चाहिए। कुछ बातों को मन से त्यागने और सुखी पारिवारिक जीवन के लिए धर्म और धैर्य आवश्यक है। आचार्य ने बताया कि भगवान शंकर की पत्नी सती ने प्रभु श्रीराम की परीक्षा ली तो, भगवान की कृपा उन पर नहीं हुई और शबरी ने प्रतीक्षा करी तो प्रभु श्रीराम उनके यहां पधारे थे। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।