संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों को जल्द ही बायोमीट्रिक पद्धति से पोषक आहार प्राप्त हुआ करेगा। व्यवस्था को प्रभावी बनाए जाने के लिए केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों का डाटा उप्र डेवलपमेंट सिस्टम कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीडेस्को) को भेजा जाएगा।
छह साल तक के चार लाख से अधिक लाभार्थियों के अभिभावकों को बायोमीट्रिक कराने पर पोषक आहार प्राप्त हुआ करेगा। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने डाटा तैयार कराते हुए यूपीडेस्को को प्राप्त कराने की प्रक्रिया शुरू करा दी है।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के माध्मय से नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रो में आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन कराया जा रहा है। गर्भ से ही कुपोषण मिटाने के उद्देश्य से पोषक आहार का वितरण कराया जाता है। पोषक आहार वितरण में गड़बड़ी की मिलने वाली शिकायतों व पुष्टि पर कार्रवाई के बाद अब शासन ने इस पर विराम लगाने की कवायद की है।
शासन ने बायोमीट्रिक पद्धति से पोषक आहार वितरण की व्यवस्था प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है। विभाग की सचिव अनामिका सिंह ने हरदोई सहित सभी जिलों के अधिकारियों को पत्र जारी कर कहा है कि यूपीडेस्को की ओर से खाद्य एवं रसद विभाग में खाद्यान्न वितरण में ईलेक्ट्रानिक प्वाइंट ऑफ सेल (ई-पास) मशीन का संचालन व रख-रखाव भी किया जा रहा है। ऐसे में यूपीडेस्को को बायोमीट्रिक मशीन की खरीदारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि सचिव का पत्र प्राप्त हो गया है। इसी आधार पर यहां पर 20 बाल विकास परियोजना के 3930 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों का डाटा तैयार कराने की जिम्मेदारी सीडीपीओ को सौंपी गई है। बताया कि इन केंद्रों पर छह माह से तीन साल आयु वर्ग के 2,29,542 व 3-6 साल के 1,70,725 बच्चे, 53,689 गर्भवती व 25,743 धात्री महिलाएं पंजीकृत हैं।