हरदाई। जिले के 2777 परिषदीय विद्यालयों में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने को दिए गए टैबलेट बिना इंटरनेट धूल खा रहे हैं। शासन का निर्देश है कि विद्यालयों में शिक्षक अपना निजी सिमकार्ड और ईमेल का प्रयोग कर इसका संचालन करें, लेकिन शिक्षक इसे निजता का हनन बताते हुए आंदोलनरत हैं।
नए शिक्षा सत्र के 20 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक जिले में विद्यालयों के डिजिटल रजिस्टर नहीं भरे जा रहे हैं। शिक्षा सत्र 2023-24 में जिले के समस्त विद्यालयों में शिक्षक उपस्थिति रजिस्टर, छात्र उपस्थिति रजिस्टर और मध्यान्ह भोजन रजिस्टर को ऑनलाइन करने के उद्देश्य को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले में 3446 विद्यालयों में से 2777 विद्यालयों में 5212 टैबलेट वितरित किए थे।
योजना थी कि इस टैबलेट से आधुनिक तकनीकी से विद्यालयों में शिक्षकों के अलावा छात्रों की उपस्थिति दर्ज होनी थी, ताकि सही आंकड़ा सामने आ सके। साथ ही मध्यान्ह भोजन में उपस्थिति को लेकर आए दिन होने वाली शिकायतों पर भी रोक लगेगी। लेकिन शिक्षकों के विरोध के चलते जिले में ऑनलाइन हाजिरी नहीं लग पा रही है। इससे टैबलेट धूल खा रहे हैं।
शासन की ओर से विद्यालयों के नाम सिम और इंटरनेट के लिए कंपोजिट ग्रांट में व्यवस्था कर दी गई है। इससे शिक्षकों को अपने पास से सिम व इंटरनेट पर धनराशि व्यय नहीं करनी होगी।
हम डिजिटलाइजेशन के विरोध में नहीं हैं, मगर सरकार के सामने हमारे संगठन की ओर से ईएल के साथ जो मांगें रखी गई हैं। उनको मान लिया जाए।
आलोक मिश्र, जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ
ऑनलाइन उपस्थिति के विषय में महानिदेशक का पत्र आया है। उसका पालन कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है, साथ ही शिक्षक संगठनों से भी वार्ता की जाएगी।
राहुल दुबे, जिला समन्वयक