हरदोई। साहब के इंतजार में कार्यालय के बाहर बैठे कर्मचारियों की सूरत देखने लायक हो रही है। मुंह पर बीमारी के हावभाव और शारीरिक रूप से अक्षम दिखाई दे रहे हैं। यह वे कर्मचारी हैं, जिनकी नगरीय निकाय चुनाव में मतदान कार्मिक के रूप में किसी न किसी पद पर ड्यूटी लग गई है। इसमें अधिकतर का ड्यूटी लगते ही ब्लॅड प्रेशर बढ़ा हुआ है। कार्मिक ड्यूटी कटवाने के लिए जोर और जुगत लगा रहे हैं।
नगरीय निकाय चुनाव में यहां के 13 नगरीय निकाय में मतदान कराने के लिए 532 मतदेय स्थल के लिए पोलिंग पार्टियों का गठन किया गया है। प्रथम रेंडमाइजेशन के बाद आवश्यकता से 20 प्रतिशत अधिक कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। ड्यूटी आदेश कार्यालयाध्यक्षों के माध्यम से कार्मिकों को प्राप्त कराए जाने और प्रशिक्षण शुरू होते ही कार्मिक की ड्यूटी कटवाने के लिए कर्मचारी कलक्ट्रेट और विकास भवन बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। अधिकारियों के पास जुगाड़ लगाने के लिए कर्मचारियों की भी ड्योढ़ी पर हाजिरी लगा रहे हैं और खुद को बीमार बताते हुए ड्यूटी से मुक्त कराने की गुहार लगाते दिखाई दे रहे हैं।
मतदान कार्मिक की ड्यूटी से मुक्त होने के लिए महिलाओं की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है। ड्यूटी से मुक्ति के लिए प्रार्थना पत्र के साथ ब्लॅड प्रेशर बढ़े होने की चिकित्सीय सलाह भी लगा रहे हैं।
मतदान कार्मिक ड्यूटी से मुक्त होने के लिए माता-पिता के साथ ही रहने और उनकी देखभाल व सेवा की जिम्मेदारी अपने कंधों पर होने की बात कर रहे हैं।
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लखनऊ से चल रही नौकरी, अब लग गई ड्यूटी
मतदान कार्मिकों में बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की संख्या अन्य विभागों की अपेक्षा अधिक है। चुनाव में ड्यूटी न कटने की दशा में ड्यूटी करने की अनिवार्यता के चलते लखनऊ से नौकरी चलाने वाले कर्मचारियों की दिक्कतें कुछ अधिक ही बढ़ गई हैं। विभागीय ड्यूटी तो जैसे-तैसे लखनऊ से चल रही है, लेकिन चुनाव में ये संभव नहीं दिखाई दे रहा है। संडीला तहसील क्षेत्र में तैनाती वाले कर्मचारियों को ड्यूटी कटवाने की कुछ अधिक ही चिंता सता रही है।
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