हरदोई। नगरीय निकाय की भांति गांवों में घर-घर कूड़ा कलेक्शन और गांवों को साफ-सुथरा बनाए जाने के क्रम में पंचायतीराज विभाग ने 847 और ग्राम पंचायतों को चयनित किया है। इन ग्राम पंचायतों के करीब 3,52,331 परिवारों की 24,93,285 आबादी के इसका लाभ मिल सकेगा। विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष में इन ग्राम पंचायतों में सॉलिड एंड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट (एसएलडब्ल्यूएम) के लिए कार्ययोजना की प्रक्रिया शुरू करा दी है।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत गांवों में भी सूखा और गीला कूड़ा को अलग-अलग घर-घर से उठाने और इसके निस्तारण के लिए एसएलडब्ल्यूएम पर काम कराया जा रहा है। डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में 847 ग्राम पंचायतों को शासन की ओर से चयनित किया गया है। बताया कि इन ग्राम पंचायतों के प्रधान, पंचायत सचिव, पंचायत सहायक, सफाईकर्मी, जिला कंसल्टेंट, खंड प्रेरक को प्रशिक्षण दिलाए जाने का कार्यक्रम भी जारी कर दिया गया है।
बताया कि हरदोई के 1855 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के लिए चुना गया है।
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गांवों में भी शुरू हुआ घर-घर कूड़ा उठाने का काम
हरदोई। पांच हजार से अधिक आबादी वाली 95 ग्राम पंचायतों में नगरीय निकायों की भांति डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू करा दिया गया है। कूड़ा निस्तारण के लिए इन ग्राम पंचायतों में एसएलडब्ल्यूएम बनवाए गए हैं। पंचायतीराज विभाग ने इन ग्राम पंचायतों को साफ-सुथरा बनाने के लिए सफाईकर्मियों और ब्लॉक समन्वयक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि विकास खंड हरपालपुर की ग्राम पंचायत दहेलिया में कूड़ा एकत्रीकरण की व्यवस्था और निस्तारण का उन्होंने जायज लिया। सफाईकर्मियों की ओर से काम किया जाता मिला। (संवाद)