डीएनए टेस्ट के लिए नहीं पहुंचे पूर्व एमएलसी अब्दुल हन्नान
सीएमओ लखनऊ के यहां अदालत के आदेश पर होना था डीएनए टेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
संडीला (हरदोई)। परिवार न्यायालय के आदेश के बावजूद पूर्व एमएलसी अब्दुल हन्नान डीएनए टेस्ट के लिए नहीं पहुंचे। डॉ. समन किदवई व उनके पुत्र अब्दुल मलिक पूरे दिन सीएमओ लखनऊ के यहां इंतजार करते रहे। परिवार न्यायालय लखनऊ के अपर न्यायाधीश ने 2 सितंबर को आदेश जारी किया था। इसके तहत पूर्व एमएलसी को डीएनए टेस्ट के लिए 22 सितंबर को सीएमओ लखनऊ के समक्ष हाजिर होना था।
डॉ. समन किदवई का दावा है कि उनके अब्दुल हन्नान से संबंध थे और 28 जुलाई 2011 को पुत्र का जन्म हुआ था। तब अब्दुल हन्नान बसपा के एमएलसी थे। पुत्र का जन्म होते ही अब्दुल हन्नान ने किनारा करना शुरू कर दिया। वह न तो उनको अपनी पत्नी मान रहे थे और उनके बेटे को अपना पुत्र। तभी से वह कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। आरोप है कि अब्दुल हन्नान उन्हें इस दौरान मानसिक रूप से प्रताड़ित भी कर रहे थे। उन्होंने मानवाधिकार आयोग, महिला आयोग एवं प्रदेश स्तरीय पुलिस अधिकारियों से भी फरियाद की पर उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। उसके बाद उन्होंने लखनऊ के परिवार न्यायालय में अब्दुल मलिक बनाम अब्दुल हन्नान के नाम से मुकदमा दायर कर अब्दुल मलिक को हन्नान का पुत्र साबित करने के लिए डीएनए टेस्ट कराए जाने की मांग की थी। अब्दुल मालिक की बतौर संरक्षिका के तौर पर वह पैरवी कर रहीं थीं।
परिवार न्यायालय के अपर न्यायाधीश ने डीएनए टेस्ट के लिए 22 सितंबर को अब्दुल हन्नान, डॉ. समन किदवई व पुत्र अब्दुल मलिक को सीएमओ लखनऊ के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया था। डॉ. समन किदवई ने बताया कि अब परिवार न्यायालय में 10 अक्तूबर की तारीख तय की गई है।