संवाद न्यूज एजेंसी
हरपालपुर-मल्लावां-माधौगंज। गंगा, रामगंगा और गर्रा नदियों में पानी बढ़ने से आई बाढ़ से प्रभावित गांवों के लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं है। शुक्रवार को एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम ने तहसील के अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया और प्रभावितों से जानकारी ली।
हरपालपुर क्षेत्र में गंगा और रामगंगा नदी पिछले एक माह से तबाही मचा रहीं हैं। इससे पूरे क्षेत्र के एक सैकड़ा से अधिक राजस्व गांवों व मजरों के रहने वाले ग्रामीण बाढ़ की विभीषिका झेल रहे हैं। गंगा व रामगंगा के बीच बसे गांवों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। बाढ की भयावह स्थिति के बीच पहुंची एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाल लिया है।
शुक्रवार को सवायजपुर की एसडीएम डॉक्टर अरुणिमा श्रीवास्तव, तहसीलदार सचिंद्र शुक्ला, नायब तहसीलदार यशवंत कुमार ने राजस्व कर्मियों को लेकर एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम के साथ अर्जुनपुर, सरेसर, खरगपुर, समेत कई बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर बाढ़ पीड़ितों का हालचाल जाना अैर उनकी जरूरतें पूछी। एसडीएम ने बताया कि शनिवार को दोनों टीम के साथ राजस्व कर्मी बाढ़ प्रभावितों को बाढ़ किट वितरित करेंगे।
क्षेत्र में सड़क बाढ़ की धार से कट चुकी हैं। इससे यातायात ठप है। 35 विद्यालय एक पखवारे से बंद हैं। 50 से अधिक गांव की बिजली आपूर्ति बंद चल रही है, जिससे लोगों की दुश्वारियां और बढ़ गईं हैं। लोगों के घरों का राशन खत्म होने से बाढ़ पीड़ित भूखे रहने को विवश है। बाढ़ग्रस्त गांवों में पशुओं के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है।
मल्लावां क्षेत्र के कटरी में गंगा के बढ़े जलस्तर से करीब के कई से गांवों में बाढ़ का पानी है। करीब एक दर्जन गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। बांधों से लगातार छोड़े गए पानी से कटरी क्षेत्र के हरैया सहिमपुर के मजरा मढि़या, रहीमपुर लोनारी, जरेरा, चपरतला, नरायनमऊ, मोहब्बतपुर, बेरिया, रामपुर छोट्टा पुरवा, इशरापुर, कुतुआपुर गांव के आसआस खेतों में और गांव के कुछ हिस्से में पानी भर गया है। कुतुवापुर स्थित पीएचसी में जलभराव के कारण स्वास्थ्यकर्मी ऊंचे स्थान पर बैठककर दवाई दे रहे हैं।
माधौगंज क्षेत्र में बाढ़ से किसानों की फसल बर्बाद हो रही हैं। दर्जनों गांवों की मक्का, मूंगफली, उड़द, धान व अरहर आदि की फसलें खेतों में पानी भरने से खराब हो गई हैं। मल्हन पुरवा, देवीपुरवा, मगरहा, एकघरा प्राथमिक विद्यालय सहित छह स्कूलों में पानी भर गया है।
गंगा पांच सेमी. कम, गर्रा 20 सेमी. बढ़ी
बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से यहां की नदियों के पानी में उतार-चढ़ाव जारी है। शुक्रवार को गंगा नदी के पानी में 5 सेमी. कमी आई और पानी खतरे के निशान से 20 सेमी. ऊपर 137.30 मीटर पर आ गया है। रामगंगा नदी के पानी में 10 सेमी. की कमी आई और पानी 136.10 मीटर पर आ गया है। गर्रा नदी के पानी में 20 सेमी. की वृद्धि हुई और पानी 135.80 मीटर पर पहुंच गया है। बैराजों से गंगा और रामगंगा नदी में तीन लाख 71,114 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।